बिजनौर – महाराष्ट्र से धर्मांतरण करके लौटे युवक की परिजनों, ग्रामीणों व हिन्दू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने मंत्रोचार्ण के साथ घर बापसी कराई। युवक मित्रों के साथ महाराष्ट्र के साथ पूना में बेकरी पर मजदूरी करने गया था जहाँ उसने स्वेच्छा से इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। अपनी बहन की शादी में आए युवक के चेहरे पर चेहरे पर दाढी तथा मुस्लिम लिवास को देखकर घर वाले व ग्रामीण दंग रह गए। मंदिर में शुद्धिकरण कराकर धर्मान्तरण कर बिलाल बने युवक को फिर से डेविड बनाकर ढोल नगाडो से उसका स्वागत किया गया।
मामला जनपद बिजनौर के थाना स्योहारा के अन्तर्गत आने वाले गाँव सद्दो बेरखा का है। जहाँ 21 वर्षीय डेविड कुमार नाम का दलित युवक के छह माह पूर्व अपने पिता की मौत के बाद गाँव के ही आधा दर्जन से अधिक युवकों के साथ महाराष्ट्र के पूना में बेक़री पर मजदूरी करने के लिए चला गया था। वहाँ डेविड ने स्वेच्छा से मुस्लिम धर्म अपनाकर अपना बिलाल नाम रख लिया। मुस्लिम धर्म अपनाने के बाद डेविड ने चेहरे पर दाढ़ी रख ली थी।
साथ ही मुस्लिम लिबास यानी कुर्ता पजामा भी पहनना भी शुरू कर दिया। बताया जाता है कि गाँव में डेविड की बहन की शादी थी। शादी में शिरकत करने के लिए वह अपने घर पहुंचा। ग्रामीणों व परिजनों ने जैसे ही डेविड को मुस्लिम लिबास में देखा तो वो हैरत में पड़ गए। बात गाँव में आग की तरह फैल गई तथा डेविड के धर्मांतरण की चर्चा आम हो गई। पता लगते ही हिन्दू युवा वाहिनी के तमाम कार्यकर्ताओं ने अपना दखल देना शुरू कर दिया। बात बढी तो मामला पुलिस तक पहुंच गया।
पुलिस द्वारा पुछताछ में युवक ने स्वेच्छा से इस्लाम धर्म कबूल करने की बात बताई तथा पहले तो इस्लाम में ही रहने की इच्छा जताई परन्तु परिजनों, ग्रामीणों व हिन्दू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों के समझाने पर उसने हिन्दू धर्म में ही रहना स्वीकार कर लिया। जिस पर ग्रामीणों ने उसे मंदिर में ले जाकर मंत्रोचार्ण के साथ उसका शुद्धिकरण कराया तथा उसकी दाढी कटवाकर और गले में फूलों की माला डालकर ढोल नगाड़ों के साथ पूरे गाँव में घुमाया।






