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NHRC के आदेश के बाद गाजियाबाद के तीन श्रमिकों की मौत का मामला फिर सुर्खियों में-राजीव कुमार शर्मा की शिकायत पर आयोग सख्त; यूपी के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत उपस्थिति का समन, मृतकों के परिजनों को ₹5-₹5 लाख मुआवजे के अनुपालन पर मांगा जवाब

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NHRC के आदेश के बाद गाजियाबाद के तीन श्रमिकों की मौत का मामला फिर सुर्खियों में

शिकायतकर्ता राजीव कुमार शर्मा की शिकायत पर आयोग सख्त; यूपी के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत उपस्थिति का समन, मृतकों के परिजनों को ₹5-₹5 लाख मुआवजे के अनुपालन पर मांगा जवाब

नई दिल्ली/गाजियाबाद, 16 अगस्त 2026।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गाजियाबाद में निर्माणाधीन भवन से तीन श्रमिकों की मृत्यु से जुड़े मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोग के निर्देशों का निर्धारित समय में अनुपालन नहीं किए जाने पर कड़ा रुख अपनाया है। यह मामला केस संख्या 1459/24/31/2025 के रूप में आयोग के समक्ष विचाराधीन है। मामले को सामने लाने वाले वर्ल्ड एक्रेडिटेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स के राष्ट्रीय सलाहकार राजीव कुमार शर्मा की शिकायत पर आयोग ने पूर्व में संबंधित अधिकारियों से जांच एवं कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की थी।

आयोग के दिनांक 14 अगस्त 2026 के आदेश के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया था कि निर्माणाधीन भवन से तीन श्रमिकों की मृत्यु हुई तथा निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा इंतजामों के अभाव और संबंधित कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठे। आयोग के समक्ष प्रस्तुत पुलिस रिपोर्ट में मृतकों की पहचान विवेक शर्मा (19), अनिरुद्ध मंडल (28) और सुधीर मुंडा (39) के रूप में की गई है।

मामले में आयोग ने 30 जनवरी 2026 की कार्यवाही के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को मृतकों के पात्र निकट संबंधियों (NOK) की पहचान कर प्रत्येक को ₹5,00,000 की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में जमा कराने तथा भुगतान का प्रमाण आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त न होने पर आयोग ने 24 मार्च 2026 को पुनः निर्देश जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट और भुगतान का प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा। इसके बावजूद आयोग के 14 अगस्त 2026 के आदेश के अनुसार, आवश्यक रिपोर्ट आयोग को प्राप्त नहीं हुई।

लगातार अनुपालन न होने को आयोग ने गंभीरता से लिया है। आदेश में कहा गया है कि आयोग के निर्देशों का अनुपालन न किया जाना गंभीर विषय है। इसी के मद्देनजर मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को 25 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी किया गया है।

हालांकि, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यक अनुपालन रिपोर्ट 11 सितंबर 2026 से पहले आयोग को प्राप्त हो जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी जा सकती है।

वर्ल्ड एक्रेडिटेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स के राष्ट्रीय सलाहकार राजीव कुमार शर्मा द्वारा उठाया गया मामला निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा, दुर्घटना के बाद प्रशासनिक जवाबदेही तथा मृतकों के परिजनों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने से जुड़े व्यापक मानवाधिकार प्रश्नों को सामने लाता है।

NHRC की कार्यवाही से यह स्पष्ट है कि आयोग ने मामले को केवल एक दुर्घटना के रूप में नहीं देखा, बल्कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक राहत और आयोग के आदेशों के अनुपालन को भी गंभीरता से लिया है।

AIRA NEWS NETWORK की ओर से यह स्पष्ट किया जाता है कि समाचार में प्रस्तुत तथ्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी दिनांक 14.08.2026 के आदेश पर आधारित हैं। किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध अंतिम दोषसिद्धि का निष्कर्ष निकालना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी उचित स्थान दिया जाएगा।

— AIRA NEWS NETWORK
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