हाईटेंशन लाइन की चपेट में 10 वर्षीय अनस की मौत: आईरा जिला अध्यक्ष ने मानवाधिकार आयोग में उठाया मामला,₹10 लाख मुआवजे की मांग

हाईटेंशन लाइन की चपेट में 10 वर्षीय अनस की मौत: आईरा जिला अध्यक्ष ने मानवाधिकार आयोग में उठाया मामला, ₹10 लाख मुआवजे की मांग
पूर्व शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप, विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की जांच की मांग
नजीबाबाद/बिजनौर। ग्राम फजलपुर हबीब उर्फ बड़ी ज्वाली, थाना किरतपुर में 11,000 वोल्ट हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से 10 वर्षीय बालक अनस पुत्र अनवर की मौत के मामले में आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर्स एसोसिएशन (आईरा) ने गंभीरता से हस्तक्षेप किया है।
दैनिक अमर उजाला, दैनिक जागरण एवं दैनिक जनवाणी में प्रकाशित समाचारों के अनुसार बालक घर की छत पर गया था, जहां छत/ममटी के निकट से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से उसकी मृत्यु हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी और मकानों के ऊपर/निकट से गुजर रही इस खतरनाक विद्युत लाइन को हटाने अथवा सुरक्षित करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को पूर्व में कई बार शिकायत एवं पत्राचार किया गया था, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
मामले को गंभीर मानवाधिकार विषय मानते हुए आईरा के जिला अध्यक्ष अफजाल अहमद अंसारी ने उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग, लखनऊ में शिकायत दाखिल की। आयोग ने शिकायत को स्वीकार करते हुए डायरी संख्या 7304/IN/2026 आवंटित की है।



शिकायत में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन एवं गरिमा के अधिकार का हवाला देते हुए पूर्व शिकायतों के मूल अभिलेख तलब कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, दोषियों के विरुद्ध विभागीय एवं विधिक कार्रवाई तथा मृतक बालक के परिजनों को ₹10 लाख की अंतरिम क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की गई है। साथ ही क्षेत्र में हाईटेंशन लाइनों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट और खतरनाक लाइनों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराने की मांग भी की गई है।
आईरा बिजनौर जिला अध्यक्ष अफजाल अहमद अंसारी ने कहा कि यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि पूर्व शिकायतों के बावजूद विद्युत विभाग ने सुरक्षा कदम नहीं उठाए, तो इसे महज दुर्घटना मानकर जिम्मेदारी से बचना उचित नहीं होगा। आईरा ने मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आयोग से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
आईरा न्यूज़ नेटवर्क | बिजनौर






