
बिजनौर – जाल में फंसे तेंदुए को रेस्क्यू करने गई वन विभाग की टीम ने ट्रकुंलाइज कर कब्जे में लेकर पिजरे में बंद कर लिया।लेकिन रेस्क्यू के 10 मिनट ही तेंदुए ने दम तोड़ दिया। वन अफसरों ने किया खेत मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिये बरेली भेज दिया। उधर किसान ने टीम पर ट्रंकुलाइजेशन के दौरान दवाई की अधिक डोज देने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार हल्दौर था क्षेत्र गंगोडा जट के किसान विपिन पुत्र वेदपाल ने जंगली व आवारा जानवरों से फलस की सुरक्षा के लिये अपने खेत की मेंढ पर जाल लगा रखा था। बताया जाता है कि गुरुवार को उक्त जाल में एक तेंदुआ फंस गया। जाल में तेदूंआ फंसने की सूचना पर सैकड़ों लोग मौके पर एकत्र हो गये। घटना की सूचना किसान ने वन विभाग को दी। सूचना पर उप प्रभागीय वनाधिकारी डॉ.हरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची। बताया जाता है कि टीम ने तेंदुए को ट्रंकुलाइज कर रेस्क्यू कर पिजरे में बंद कर लिया।
लेकिन 10 मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई। सूचना पर डीएफओ अनिल पटेल ने मौके पर पहुँचकर मौका मुआयना किया। इस संबंध में डीएफओ अनिल पटेल ने बताया कि खेत मालिक द्वारा जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए खेत में जाल लगाया गया था। मामले में FIR दर्ज कराई जा रही है और अभियुक्तों के विरुद्ध विभागीय केस भी इजारा किया गया है। मृत वयस्क नर तेंदूए के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजने की कार्यवाही की जा रही है। वहीं किसान ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए वन विभाग की टीम द्वारा ट्रंकुलाइजेशन के दौरान अधिक डोज देने से तेंदूए की मौत होने की बात कही है।


















