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मानवाधिकार आयोग में पहुँचा प्रसूता मौत मामला, स्योहारा नर्सिंग होम पर गंभीर आरोप

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मानवाधिकार आयोग में पहुँचा प्रसूता मौत मामला, स्योहारा नर्सिंग होम पर गंभीर आरोप

बिजनौर/लखनऊ।
स्योहारा स्थित एक निजी नर्सिंग होम में प्रसव के बाद महिला की मौत का मामला अब उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुँच गया है। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज कर डायरी संख्या 3803/IN/2026 एवं केस संख्या 9903/24/17/2026 आवंटित की है।

प्राप्त जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ग्राम अलादीनपुर निवासी 23 वर्षीय मोनिका पत्नी अरविंद को प्रसव पीड़ा होने पर 14 मई को स्योहारा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। डिलीवरी के बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही। परिजनों का आरोप है कि समय रहते उचित उपचार एवं विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते महिला की हालत गंभीर हो गई।

बाद में महिला को मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया तथा उन्होंने नर्सिंग होम पर चिकित्सीय लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।

इस मामले को लेकर सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता व वर्ल्ड एक्रेडिटेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स के राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी डॉ. तारिक़ ज़की ने राज्य मानवाधिकार आयोग में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित नर्सिंग होम में चिकित्सा मानकों की अनदेखी की गई तथा यह भी जांच का विषय है कि प्रसव कराने वाले चिकित्सकों के पास आवश्यक योग्यता एवं वैधानिक अनुमति थी या नहीं।

शिकायत में पीड़ित परिवार को ₹25 लाख मुआवज़ा देने, दोषी चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई करने तथा जनपद बिजनौर के निजी अस्पतालों की व्यापक जांच कराने की मांग की गई है।
वही डॉ. तारिक़ ज़की ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक परिवार को न्याय दिलाने की नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य अधिकारों की सुरक्षा की लड़ाई है।

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