बनारस के छिपे हुनर को मिलेगा नया मंच, ओम शिवा फाउंडेशन शुरू करेगा सिंगिंग टैलेंट प्रोग्राम

ओम शिवा फाउंडेशन की ओर से बनारस के उभरते कलाकारों को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से एक विशेष सिंगिंग टैलेंट प्रोग्राम की शुरुआत की जा रही है। इस पहल का मकसद उन प्रतिभाशाली युवाओं को मंच प्रदान करना है, जो संसाधनों और अवसरों के अभाव में अपनी कला को दुनिया के सामने नहीं ला पाते। कार्यक्रम के माध्यम से कलाकारों को न सिर्फ अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आत्मबल भी विकसित किया जाएगा।फाउंडेशन द्वारा आयोजित बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि बनारस सदियों से संगीत, कला और संस्कृति की धरती रहा है। बनारस घराने की पहचान देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक है और यहां के कई कलाकारों ने अपनी कला से देश का गौरव बढ़ाया है। ऐसे में नई पीढ़ी के कलाकारों को भी उचित मंच और मार्गदर्शन देना समय की जरूरत है, ताकि उनका हुनर दबकर न रह जाए।कार्यक्रम में 16 वर्ष से 40 वर्ष तक के प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिता की थीम “राग बेस्ड फिल्मी सॉन्ग्स” रखी गई है, जिससे प्रतिभागियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की झलक के साथ अपनी गायकी प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लिए दो लाख रुपये तक के पुरस्कार भी निर्धारित किए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि यह मंच कलाकारों के लिए सुनहरा अवसर साबित होगा और उन्हें अपने हुनर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कार्यक्रम को बड़े और भव्य स्तर पर आयोजित किया जाए, ताकि बनारस सहित आसपास के जिलों के अधिक से अधिक कलाकार इसमें भाग ले सकें। कार्यक्रम में कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विशेष आयोजन भी किए जाएंगे, जिससे कलाकारों का उत्साह बढ़े और दर्शकों को भी संगीत का बेहतरीन अनुभव मिल सके।फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 20 मई से शुरू होकर 10 जुलाई तक चलेगी। इच्छुक प्रतिभागी मोबाइल नंबर 8299197113, 9956814000,9451645951 पर संपर्क कर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।प्रतियोगिता की चयन प्रक्रिया कई चरणों में आयोजित होगी। पहली स्क्रीनिंग 26 जुलाई, दूसरी स्क्रीनिंग 30 अगस्त और तीसरी स्क्रीनिंग 27 सितंबर को आयोजित की जाएगी। इसके बाद सेमीफाइनल 25 अक्टूबर तथा ग्रैंड फिनाले 31 अक्टूबर को होगा। हर चरण में प्रतिभागियों की सुर, ताल, प्रस्तुति और मंच संचालन क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा।फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह पूरा कार्यक्रम स्वर कोकिला आशा भोसले की स्मृति के साथ साथ दिव्यांगजनों की सेवा में समर्पित है। उनका कहना है कि संगीत जगत में आशा भोसले का योगदान नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उसी प्रेरणा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है।


















