उत्तराखंड

ऑपरेशन मुक्ति”- भिक्षा नहीं, शिक्षा दें।

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ऑपरेशन मुक्ति”- भिक्षा नहीं, शिक्षा दें।

उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार की पहल पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशवंत चौहान जनपद पौड़ी गढ़वाल के नेतृत्व में, अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार शेखर चंद सुयाल व क्षेत्राधिकारी क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन कोटद्वार/ नोडल अधिकारी वैभव सैनी के निकट निर्देशन में व सुमनलता ahtu, कोटद्वार के प्रभार में 02 माह के लिए प्रदेश स्तर पर चलाए जा “ऑपरेशन मुक्ति” इस अभियान की थीम “भिक्षा नहीं शिक्षा दें” व support to educate a chaild ” है
वहीं पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड द्वारा चलाई जा रही इस मुहिम को जनता द्वारा सराहा जा रहा है वहीं दूसरी तरफ निरीक्षक कृपाल सिंह तथा उनकी टीम लगातार पुलिस महानिदेशक के आदेशों का पूर्ण रुप से पालन कर रही है और इस मुहिम को जन जन तक पहुंचा रही है जिसके फलस्वरूप इस कार्य की सराहना लगातार जनता द्वारा की जा रही है

आपको बताते चलें उप निरीक्षक कृपाल सिंह इससे पहले भी कई बच्चों की मदद कॉपीकिताब यूनिफॉर्म तथा फीस देकर कर चुके हैं

इसी क्रम में फिर आज
जनपद पौड़ी गढ़वाल की ऑपरेशन मुक्ति टीम के उप निरीक्षक v कृपाल सिंह व कांस्टेबल आशीष बिष्ट व महिला कांस्टेबल कोमल राठौर के
द्वारा लक्ष्मणझूला कस्बे में ऐसे बालक और बालिकाओं को जो भीख मांगते है या कवाड़ आदि चुगते है या जबरन कोई अपने यहां किसी दुकान आदि पर काम कराते है आदि, के संबंध में अलग- अलग स्थानों पर जाकर तलाश करते हुए बालक और बालिकाओं को चिन्हित करते हुए उनके परिजनों को समझा रहे थे की यदि आपके बालक पढ़ाई छोड़कर आपके साथ काम धंधा करेंगे तो वह अपने साथ के अन्य बच्चों से पढ़ाई में पिछड़ जायेंगे। यदि शिक्षा नहीं होगी तो आदमी की गति और मति दोनों ही चली जाती है। क्या आप नहीं चाहते की आपके बालक भी बेहतर पढ़ाई करके आपका और देश समाज का नाम रोशन करें। जब उत्तराखंड पुलिस आपके पास कलम और किताब आपके बच्चों को देने के लिए खड़ी है तो आप उसका स्वागत कीजिए। आपको केवल इतना करना है कि आप अपने बालक को स्कूल भेजो बाकी तो सब स्कूल पर छोड़ दो। यह सब सुनकर बालक के मामा/ परिजन बालक को पढ़ाने के लिए सहमत हो गए। उसी दौरान कुछ यात्री जो राजस्थान से आए हुए थे यह सब सुन रहे थे और बोले की उत्तराखंड की पुलिस शिक्षा विभाग का काम कर रही है। ऐसी पुलिस तो हमने कहीं नहीं देखी हम तो सोच रहे थे कि आप लोग शिक्षा विभाग से होंगे। उत्तराखंड जनपद पौड़ी पुलिस के इस कार्य की राजस्थान से यात्रियों के द्वारा काफी प्रसंशा की गई।
इसी दौरान एक बालिका श्री गंगा मां के किनारे घाट पर फूल और गंगाजल की कैन बैंच रही थी। जब बालिका से पढ़ाई के लिए बोला तो बोली की में पढ़ने तो जाती हुं, लेकिन कभी कभी गंगा घाट पर भी आ जाती हुं। बालिका से पूंछा की आप पढ़कर क्या बनना चाहती हो तो बालिका ने खुशी और उल्लास के साथ मुस्कुराए हुए कहा कि टीचर। “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” का सपना साकार हो सकता है। यदि इसी प्रकार से अभियान चलता रहे और अभियान की समाप्ति के बाद इन बालकों के परिजन और इन बालकों तथा इनके टीचरों से समय समय पर उत्तराखंड पुलिस इनकी शिक्षा को लेकर इन्हें सजग और उत्साहित के साथ साथ पाठन सामग्री का थोड़ा सहयोग करने के लिए खुद व सामाजिक संस्था और सरकार आदि से निवेदन करेगी तो निश्चित ही कोई भी बालक शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
उत्तराखंड पुलिस के ऑपरेशन मुक्ति के लिए स्थानीय जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा काफी प्रसंशा की जा रही है

पौड़ी टीम:-
1 – उप निरीक्षक श्रीमती सुमनलता ahtu प्रभारी
2 – उप निरीक्षक v कृपाल सिंह
3 – HC योगेंद्र सिंह
4 – कांस्टेबल आशीष बिष्ट
5 – महिला कांस्टेबल विद्या मेहता
6- महिला कांस्टेबल कोमल राठौर
टेक्निकल टीम
1- उप निरीक्षक श्री उमेश कुमार प्रभारी डीसीआरबी
2 – कांस्टेबल गौरव कुमार
3 – कांस्टेबल धीरेंद्र सिंह
4- महिला कांस्टेबल दमयंती

उत्तराखंड जनपद पौड़ी आईरा न्यूज़ नेटवर्क राजेश सिंघल

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