मैनपुरी-उत्तरप्रदेश

आई.जी.आर.एस. शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त की- मुख्य विकास अधिकारी

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आई.जी.आर.एस. शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त की- मुख्य विकास अधिकारी

आईरा न्यूज़ नेटवर्क के लिए मैनपुरी से सुबोध कुमार

मैनपुरी – मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने आई.जी.आर.एस. शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आई.जी.आर.एस. शिकायतों के निस्तारण का कार्य देख रहे नोडल अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा गुणवत्तापरक आख्या अपलोड न किये जाने के कारण जनपद की रेकिंग में गिरावट आयी है साथ ही बडी संख्या में निगेटिव फीडबैक प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन सुबह-शाम पोर्टल को स्वयं देखें, आख्या अपलोड करते समय कम्प्यूटर आॅपरेटर के भरोसे न रहें, प्रत्येक आख्या को अपनी निगरानी में अपलोड कराये, सभी तथ्यों की सही से जांच कर ली जाये, शिकायतकर्ता का मो.न. अवश्य अपलोड किया जाय। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग में लगभग 04-05 शिकायतें प्रतिदिन प्राप्त हो रहीं है, इतनी कम संख्या में शिकायतें प्राप्त होने के बावजूद भी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है तहसीलों, ब्लाकों में असंतुष्ट फीडबैक ज्यादा प्राप्त हुए है उन्होंने उप जिलाधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिकायतों का तथ्यात्मक, गुणवत्ता परक निस्तारण करते हुए आख्या अपलोड करायी जाये।
श्री कुमार ने कहा कि सभी अधिकारी प्रातः 09 बजे से 11 बजे तक जनता दर्शन हेतु बैठना सुनिश्चित करें, जनसुनवाई में प्राप्त हो रहे सन्दर्भाे, जनसुनवाई प्रणाली, सीएम हेल्प लाइन एवं विभिन्न स्तरों से प्राप्त सन्दर्भाे को मिशन मोड पर निस्तारित किया जाय, अकारण सन्दर्भाे को लम्बित रखने वाले अधिकारियों के विरूद्व कठोर कार्यवाही होगी। बैठक में आई.जी.आर.एस. के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पीपीटी के माध्यम से निस्तारण का कार्य देख रहे नोडल अधिकारियों, कर्मचारियों, कम्प्यूटर आपरेटर्स को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि यदि कहीं कोई जिज्ञासा, संशय हो तो तत्काल दूर कर लें, यदि प्रशिक्षण के उपरान्त भी आवेदक की अपेक्षा के अनुरूप, गुणवत्ता परक निस्तारण आख्या अपलोड करने में लापरवाही की गयी तो सम्बन्धित के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। उन्होंने कहा कि निस्तारण आख्या में भूमि सन्दर्भाे में ग्राम का नाम, गाटा सख्या भरी जाये, स्थलीय निरीक्षण हो तो उसका समय, शिकायताकर्ता के साथ सम्पर्क का तथ्य, सम्पर्क न होने पर दो स्थानीय निष्पक्ष गवाहों के नाम, मो.न., न्यायलय सम्बन्धी सन्दर्भाे में न्यायलय का नाम, वाद संख्या, वाद की अद्यतन स्थिति भरें। उन्होेंने कहा कि असंतुष्ट फीडबैक से बापस आने वाले सन्दर्भाे में शत प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से बात की जाये युक्तियुक्त कारण के साथ दुबारा नयी आख्या भर अग्रसारित किया जाये।
बैठक में अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, घिरोर, कुरावली, नवोदिता शर्मा, अंजली सिंह, गोपाल शर्मा, आर.एन. वर्मा, नितिन कुमार, युगान्तर त्रिपाठी, वरिष्ठ कोषाधिकारी श्यामलाल जायसवाल, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. पी.सी. राम, उप निदेशक कृषि डी.वी. सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी क्यामुद्दीन असंारी, जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चन्द, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी अजय पाल सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी महेन्द्र कुमार, अग्रणी जिला प्रबन्धक अनिल प्रकाश तिवारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नेहा पाण्डेय, वरिष्ठ सहायक अनुज कुमार आदि उपस्थित रहे, पी.पी.टी. के माध्यम से प्रशिक्षण जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मंयक शर्मा द्वारा दिया गया।

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