अल्ली खां में सफल व्यापार बन चूका हैं नशे का कारोबार, पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगे प्रश्न चिन्ह

काशीपुर / उत्तराखंड (नसरीन खान निशा ),,,,मोहल्ला अली खां क्षेत्र में कथित रूप से स्मैक/नशीले पदार्थों की बिक्री और आपूर्ति को लेकर मोहल्लेवासियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधम सिंह नगर को गंभीर शिकायत भेजी है। शिकायत में कुछ लोगों पर नशीले पदार्थों की कथित बिक्री, आपूर्ति और इससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही महिलाओं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों की कथित गतिविधियां लंबे समय से सामने आ रही हैं। संदिग्ध लोगों की लगातार आवाजाही के चलते मोहल्ले का माहौल खराब होने और स्थानीय नागरिकों, महिलाओं तथा स्कूल आने-जाने वाले बच्चों में भय का वातावरण बनने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में फरमान, नाजिश उर्फ सोनम पत्नी फरमान, फैजम/फैजम पुत्र नफीस तथा फरदीकाशीपुर। मोहल्ला अली खां क्षेत्र में कथित रूप से स्मैक/नशीले पदार्थों की बिक्री और आपूर्ति को लेकर मोहल्लेवासियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधम सिंह नगर को गंभीर शिकायत भेजी है। शिकायत में कुछ लोगों पर नशीले पदार्थों की कथित बिक्री, आपूर्ति और इससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही महिलाओं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रुद्रपुर.pdfशिकायतकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों की कथित गतिविधियां लंबे समय से सामने आ रही हैं। संदिग्ध लोगों की लगातार आवाजाही के चलते मोहल्ले का माहौल खराब होने और स्थानीय नागरिकों, महिलाओं तथा स्कूल आने-जाने वाले बच्चों में भय का वातावरण बनने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में फरमान, नाजिश उर्फ सोनम पत्नी फरमान, फैजम/फैजम पुत्र नफीस तथा फरदीन पुत्र नफीस के नामों का उल्लेख करते हुए जांच की मांग की गई है।पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालसबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में लंबे समय से नशीले पदार्थों की कथित बिक्री और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही थीं, तो पुलिस की स्थानीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई अब तक कितनी प्रभावी रही? शिकायतकर्ताओं ने सीधे तौर पर मांग की है कि मामले को महज कागजी जांच या औपचारिक पूछताछ तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर पुलिस टीम भेजकर नियमानुसार जांच की जाए। द पुत्र नफीस के नामों का उल्लेख करते हुए जांच की मांग की गई है।पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालसबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में लंबे समय से नशीले पदार्थों की कथित बिक्री और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही थीं, तो पुलिस की स्थानीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई अब तक कितनी प्रभावी रही? शिकायतकर्ताओं ने सीधे तौर पर मांग की है कि मामले को महज कागजी जांच या औपचारिक पूछताछ तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर पुलिस टीम भेजकर नियमानुसार जांच की जाए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उपलब्ध वीडियो, फोटो और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जाए तथा यदि जांच में नशीले पदार्थों की बिक्री, भंडारण या आपूर्ति का अपराध प्रथमदृष्टया सामने आता है तो तत्काल FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों, सप्लायरों, खरीदारों और सहयोगियों की भी गहन जांच की मांग की गई है।महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठायाशिकायतकर्ताओं के अनुसार संदिग्ध गतिविधियों के कारण महिलाओं में भय का माहौल है और बच्चों के स्कूल आने-जाने पर भी असर पड़ रहा है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि यदि स्थिति पर तत्काल नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में महिलाओं या स्कूली बच्चों के साथ अभद्रता, छेड़छाड़, धमकी अथवा मारपीट जैसी घटनाएं हो सकती हैं।मोहल्लेवासियों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और शिकायतकर्ताओं व संभावित गवाहों की पहचान गोपनीय रखते हुए उन्हें सुरक्षा देने की मांग भी की हैं शिकायत में 9 बिंदुओं पर कार्रवाई की मांगएसएसपी को दी गई शिकायत में तत्काल संज्ञान लेकर पुलिस टीम भेजने, उपलब्ध वीडियो व फोटो साक्ष्यों की जांच करने, आवश्यकता पड़ने पर संबंधित परिसरों की तलाशी/छापेमारी करने, नशीले पदार्थों के कथित पूरे नेटवर्क की जांच करने और दोष सिद्ध होने पर NDPS Act सहित अन्य लागू कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही महिलाओं से कथित अभद्रता, धमकी, झगड़े या मारपीट के आरोपों की अलग से जांच की मांग रखी गई है। शिकायत 10 अगस्त 2026 को काशीपुर, ऊधम सिंह नगर से मोहल्ला अली खां के निवासियों की ओर से दी गई है। इसमें उपलब्ध वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्यों को संलग्न किए जाने का उल्लेख हैअब देखने वाली बात यह होगी कि एसएसपी स्तर से शिकायत पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और क्या पुलिस कथित नशे के नेटवर्क की तह तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति सामने लाती है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुलिस जांच और पुष्टि होना बाकी है।


















