न्यूज कवर करने गये पत्रकारों को दी जान से मारने की धमकी
ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी मिलने पर न्यूज कवरेज करने गये पत्रकारों को जान से मारने की धमकी दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है। आपको बतादें कि कि कोतवाली धामपुर क्षेत्र के गॉव धामपुर हुसैनपुर उर्फ पुराना धामपुर हरिजन बस्ती में एक देव स्थान स्थित है। जो ग्राम समाज की भूमि पर बना हुआ है ।
जिस पर स्थानीय लोगों के द्वारा बाउंड्री बना दी गयी थी। आरोप है कि इसी के समीप में धामपुर निवासी शाहनवाज नामक एक व्यक्ति का देव स्थल की बाउंड्री तोड़ कर अपने मकान का रास्ता बनाने का आरोप है।, आज जब वह व्यक्ति बाउंड्री तोड़ कर रास्ता बनाने का प्रयास कर रहा था। तो सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान नासिर व ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देव स्थल की बाउंड्री टूटी हुई मिली।
अशोक कुमार पत्रकार इंडिया टी .वी. 360 जो इसी ग्राम के वासी है का कहना है कि ग्राम प्रधान के बुलाने पर वो और उनका साथी राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। तथा मौके की विडियो कवरेज करने लगे तो सम्बन्धित व्यक्ति ने दोनो पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया वो गाली गलौच करते हुए हाथापाई की साथ ही प्रेस आई. डी व मोबाइल फोन तोड़ने का प्रयास किया है। पत्रकारों द्वारा मामले की लिखित शिकायत पुलिस प्रशासन से करते हुए मामले की जॉच करने व कार्यवाही किये जाने की मॉग की है।
वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परधानी के चुनाव नजदीक होने के कारण ये सब ग्राम प्रधान और तथाकथित पत्रकार का साठ गांठ कर हरिजन वोट को अपनी तरफ करने का राजनीतिक षड्यंत्र है।इससे पहले भी ग्राम प्रधान द्वारा ग्राम मैं हरिजन मरघट के नजदीक ग्राम समाज की भूमि पर शौचालय बनाये जाने पर ग्राम के हरिजनों के विरोध के कारण ग्राम प्रधान को बने बनाये शोचालयो को गिराना पड़ा था।
वही पत्रकार अशोक कुमार की ग्राम में भूमिका पर भी प्रश्नचिन्ह लगा है कुछ समय पहले पत्रकार महोदय ने कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेक्षित कर ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यो की जांच की मांग की थी।
वही आरोपी शाहनवाज़ ने ग्राम प्रधान और पत्रकार अशोक पर गंभीर आरोप लगाए है आरोपी शहनवाज़ ने पत्रकार संघटनो से अपील करते हुए पत्रकार अशोक के खिलाफ करवाई की मांग की तथा ग्राम प्रधान पर भी संबंधित अधिकारी द्वारा जांच कर कारवाही की मांग की है
इससे पहले भी ग्राम प्रधान पर शौचालयों ,और ग्राम मे कराये गए विकास कार्यो मे घोटालो को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिला विकास अधिकारी को पत्र भेजकर जांच की मांग की थी जांच जिला डूडा अधिकारी को मिली और उन्होंने ग्राम का दौरा भी किया था लेकिन ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान द्वारा मामले को ले देकर निपटा दिया गया था।
अब देखना ये है कि ऊंठ किस करवट बैठता है। कौन सही है को गलत है इसका फैसला तो जांच के बाद ही पता चलेगा।


















