बिजनौर – नहटौर स्थित ऑक्सफॉर्ड सीनियर सेकेण्डरी स्कूल के इंटरमीडिएट के छात्रों व अभिभावकों ने कम परसेंटेज को लेकर स्कूल में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इम्प्रूवमेंट की माँग की।
बताते चलें कि शुक्रवार को सीबीएसई बोर्ड 2021 का परिणाम घोषित हुआ था। कोरोना संक्रमण के चलते सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार इस बार इंटरमीडिएट का परिणाम हाईस्कूल और इलेवन के अंकों के आधार पर घोषित किया गया है। घोषित परिणाम में अपने अंक कम आने पर शनिवार को ऑक्सफोर्ड कॉलेज के दर्जनों छात्र-छात्राओं व अभिभावकों ने कॉलेज पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि थर्ड क्लास के बच्चों को फर्स्ट पोजीशन और टॉप पर रखा गया है जबकि टॉप क्लास बच्चों को कम मार्कस दिये गये। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों ने हाई स्कूल में 85 प्लस प्रतिशत अंक प्राप्त किये उन्हें इन्टरमीडिएट में 70 माइनस अंक दिये गये।
इसके विपरीत जिन बच्चों के हाई स्कूल में 70 माइनस प्रतिशत अंक प्राप्त किये और पूरे साल कॉलेज में आकर भी नहीं देखा उन्हें इंटरमीडिएट में 90 प्लस प्रतिशत अंक दिये किये गये। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर परिक्षा परिणाम में स्वार्थवश धांधली कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का गम्भीर आरोप लगाया। इस दौरान छात्रों व अभिभावकों ने कॉलेज के सभी छात्र-छात्राओं का बिना परीक्षा कराये पुन: मुल्यांकन कराने की मांग की। इस संबन्ध में कॉलेज के प्रधानाचार्य रंजन त्यागी ने फोन पर बताया कि विद्यालय की ओर से बोर्ड की वेवसाईट पर प्रत्येक कक्षा के वास्तविक अंक अपलोड किये गये है। विद्यार्थियों व अभिभावकों की शिकायत से बॉर्ड को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। पुन: मुल्यांकन पर बोर्ड ही फैसला लेगा।


















