वाराणसी में सीरत कांफ्रेस में उठा ईरान-अमेरिका जंग का मुद्दा :- मौलाना बोले- ये इस्लामिक नहीं राजनीतिक जंग, शादी में फिजूल खर्च से बचें

वाराणसी के पुरानापुल ईदगाह में आयोजित दो दिवसीय सीरत कांफ्रेंस का शनिवार देर रात समापन हो गया। रात करीब दस बजे खत्म हुई इस कांफ्रेंस का आयोजन जमीयत उलमा-ए-बनारस की ओर से किया गया था। इसमें देश के कई नामचीन उलेमाओं ने हिस्सा लिया और दीन, इस्लाम के साथ-साथ देश-दुनिया के मौजूदा हालात पर चर्चा की।
दारुल उलूम देवबंद के मौलाना सलमान बिजनौरी ने ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई इस्लामिक जंग नहीं बल्कि पूरी तरह राजनीतिक लड़ाई है। उन्होंने कहा कि इस जंग में बेगुनाह लोगों का खून बह चुका है और इसे जल्द रुकना चाहिए।
मौलाना ने कहा- ईरान अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों और मारे गए लोगों के मुद्दे को लेकर लड़ाई लड़ रहा है। साथ ही उन्होंने देश में अमन और शांति बनाए रखने की अपील की।
बच्चों को तकनीकी शिक्षा देने पर जोर
मौलाना सलमान बिजनौरी ने लोगों से कहा कि अपने बच्चों को इस्लामिक शिक्षा के साथ तकनीकी शिक्षा भी दें। उनका कहना था कि तकनीकी शिक्षा से बच्चों का भविष्य मजबूत होगा और वे किसी गलत सोच या गुमराह करने वाली बातों से दूर रह सकेंगे।
शादी में फिजूल खर्च से बचने की नसीहत
कांफ्रेंस की सदारत कर रहे दारुल उलूम देवबंद के वाइस चांसलर मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि शादी-ब्याह में फिजूल खर्च बढ़ता जा रहा है, जबकि इसका इस्लाम से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने माता-पिता से बच्चों को अच्छे संस्कार देने और सही रास्ते पर चलाने की अपील की।
बनारस के मुफ्ती वसीम अहमद ने कहा कि इस्लाम के रास्ते पर चलने वाला कभी गुमराह नहीं हो सकता। उन्होंने नई पीढ़ी को पैगंबर साहब और उनके सहाबा की जिंदगी से सीख लेने की बात कही। कांफ्रेंस के आखिरी दिन सात जोड़ों का निकाह भी कराया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और अमन, शिक्षा और सामाजिक सुधार पर जोर दिया गया।


















