
जयपुर, 27 मार्च 2026: राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता तेज हो गई है। जैसलमेर, जोधपुर और श्रीगंगानगर में एक हफ्ते में सामने आए मामलों ने डिजिटल नेटवर्क, सोशल मीडिया और जासूसी के जरिए देश विरोधी गतिविधियों को उजागर किया है।
जैसलमेर: संदिग्ध युवक हिरासत में
नाचना थाना क्षेत्र के भारेवाला इलाके में गुरुवार देर रात एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हिरासत में लिया गया।
यूपी पुलिस से मिले इनपुट और तकनीकी सर्विलांस के जरिए युवक की लोकेशन ट्रैक की गई।
प्रारंभिक जांच में मोबाइल में कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली, एजेंसियां डिजिटल फॉरेंसिक टीम से डिलीट डेटा रिकवर कर रही हैं।
टेलीग्राम नेटवर्क और सोशल मीडिया मॉड्यूल
संदिग्ध युवक का नाम एक टेलीग्राम ग्रुप में सामने आया, जहां देश विरोधी और कट्टरपंथी संदेश साझा किए जा रहे थे।
अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें दो कश्मीरी युवक भी शामिल हैं।
जोधपुर में आंध्र प्रदेश पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 19 वर्षीय युवक जीशान को BENX नामक ऑनलाइन ग्रुप के सदस्य के रूप में गिरफ्तार किया गया।
सोशल मीडिया का दुरुपयोग और एडमिन भूमिका
BENX ग्रुप में कट्टरपंथी वीडियो, शॉर्ट क्लिप और वॉइस नोट साझा किए जा रहे थे।
आरोपी को ग्रुप एडमिन बनाया गया था। गिरफ्तारी से पहले उसने कंटेंट डिलीट करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने डेटा रिकवर कर लिया।
आरोपी दो वर्षों से नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
श्रीगंगानगर: पाकिस्तानी आतंकी के संपर्क में युवक गिरफ्तार
आकाशदीप (19) को शहजाद भट्टी के निर्देश पर भारत के कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी और वीडियो भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
मोबाइल और सोशल मीडिया से मिले सबूतों में +92 कोड वाले नंबरों पर बातचीत, AI से फोटो एडिट और व्हाट्सएप वॉइस नोट शामिल हैं।
एयरफोर्स से संवेदनशील जानकारी लीक
असम के एयरफोर्स स्टेशन चबुआ से सुमित कुमार (36) को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
उसने मिसाइल सिस्टम, फाइटर एयरक्राफ्ट और अधिकारियों-कर्मियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेजी।
मोबाइल का इस्तेमाल पाक हैंडलर्स के सोशल मीडिया अकाउंट बनाने में भी किया गया।
कई राज्यों में रेकी और वीडियो भेजना
आरोपी आकाशदीप ने पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी कर पाकिस्तान भेजी।
आरडीएक्स, आईईडी और डेटोनेटर जैसे संदिग्ध सामग्रियों से जुड़े तार भी सामने आए।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
राजस्थान इंटेलिजेंस, एयरफोर्स इंटेलिजेंस और बीएसएफ ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई, आने-जाने वालों पर निगरानी तेज।
जांच के दौरान कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आने की आशंका जताई जा रही है।
अतिरिक्त जानकारी
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस इंटेलिजेंस प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि यह पूरे मामले की शुरुआत जनवरी 2026 में जैसलमेर निवासी झबराराम की गिरफ्तारी से हुई थी।
सुमित कुमार प्रयागराज के लाहुरपार निवासी हैं और वर्तमान में एयरफोर्स स्टेशन छबुआ, डिब्रूगढ़ (असम) में MTS के पद पर कार्यरत थे।
निष्कर्ष: राजस्थान में सामने आए इन मामलों ने डिजिटल नेटवर्क, सोशल मीडिया और जासूसी गतिविधियों के माध्यम से देश विरोधी गतिविधियों के बड़े पैमाने पर जुड़े होने को उजागर किया है। सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से जांच में जुटी हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में हाईअलर्ट जारी है।




























