जौनपुर साइबर पुलिस का बड़ा खुलासा: बेटिंग-इनवेस्टमेंट ऐप से 30 करोड़ की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

जौनपुर। ऑनलाइन इनवेस्टमेंट, ट्रेडिंग और बेटिंग ऐप के जरिए लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का जौनपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से NCRP पोर्टल पर 61 शिकायतें दर्ज हैं और अब तक करीब 30 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की जा चुकी है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव एवं क्षेत्राधिकारी सदर देवेश सिंह द्वारा की गई।
पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को टेलीग्राम, सोशल मीडिया और फर्जी बेटिंग एप्स के माध्यम से अधिक मुनाफे का लालच देते थे। शुरुआत में छोटे अमाउंट इनवेस्ट कराकर भरोसा जीतते थे, फिर बड़े निवेश के नाम पर रकम हड़प लेते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे और फर्जी सिम कार्ड हासिल कर साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे। ठगी की रकम अलग-अलग खातों में मंगाकर ATM और चेक के जरिए कैश निकाला जाता था।
पुलिस ने बताया कि अब तक करीब 70 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। साथ ही साइबर फ्रॉड की रकम से खरीदी गई संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
1. कृष्णा सिंह पुत्र अरविंद सिंह
निवासी- काजीहज कोट, पोस्ट नोनारी, थाना नेवढ़िया, जौनपुर
उम्र- 22 वर्ष
2. रामप्रताप सिंह पुत्र विजय प्रताप सिंह
निवासी- उचहुआ करनेहुआ, पोस्ट कोईलारी, थाना चंदवक, जौनपुर
उम्र- 34 वर्ष
रामप्रताप सिंह के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज है।
बरामदगी
- 02 महंगे मोबाइल फोन (कीमत लगभग ₹2 लाख)
- 05 लैपटॉप (कीमत लगभग ₹3 लाख)
- 05 कूटरचित आधार कार्ड
- विभिन्न खातों में होल्ड लगभग ₹20 लाख
इस मामले में साइबर क्राइम थाना जौनपुर में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।


















