बाबा के अनुयायियों ने फूलों से बाबा के साथ खेली होली हानिकारक रंगों का उपयोग ना करें- बाबा फुलसन्दे वाले!

बाबा के अनुयायियों ने फूलों से बाबा के साथ खेली होली हानिकारक रंगों का उपयोग ना करें- बाबा फुलसन्दे वाले!
नजीबाबाद – सत्पुरुष बाबा फुलसन्दे वालों ने आश्रम फुलसन्दा में अपने अनुयायियों व सभी राष्ट्र जनों को अपने प्रवचन के दौरान कहा कि धुलैंडी का दिन नववर्ष नया संवत लगता है हमारे देश की परंपरा है नववर्ष को बहुत धूमधाम से भारतवासी मनाते हैं इस रंग के उत्सव पे किसी को परेशान ना करें। किसी रंग से एतराज हो तो उसको रंग ना लगाएं, बल्कि गले मिलकर शुभकामनाएं दें। हानिकारक रंगों का उपयोग ना करें, शराब ना पिए, किसी भी तरह का मांस का प्रयोग ना करें।घर में ही हवन यज्ञ करें, वेद मंत्रों से और दान करें। सभी को खुशियां बांटे, किसी से नाराज ना हो, हमारे भारत राष्ट्र की देवसुगन्ध पूरे विश्व को प्राप्त हो। यहां की देव संस्कृति से सभी का हृदय जीते। वो परमात्मा तो एक है और उसी के सब प्राणी है सभी मिलजुल कर चलो आपस में बैर ना करो। अपने मां बाप और बुजुर्गों की सेवा करो। पड़ोसियों व अतिथियों का यथासंभव, सहायता व सम्मान करो बाबा ने वेद का पाठ किया “ओम अग्निमीले पुरोहितम यज्ञस्य देवम.ऋत्विजम होतारम रत्नधातम”-फागुन आ गया है देवता अनार के फूल सोने के कटोरे में लाए हैं झोली भर दे जोगन की झोली भर दे सच्चे करतार बाबा ने अन्त में कहा कि नाराज किसी से ना होइयों। प्रेम से सभी से होली मिलयो। सभी के हृदय में ब्रह्मपुष्प खिलाईयों। साथ ही बाबा ने सभी देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दी व आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर गणपति देवता, धनपति देवता, राहुल देवता, दानी जी, ब्रह्मदत्त शर्मा, यम ज्योति आदि उपस्थित रहे।
जिला रिपोर्टर सरफराज़ अहमद की रिपोर्ट



























