प्राचीन शिव मंदिर कन्याओं को खाना खिला कर किया भंडारा

स्लग– गुरु पूर्णिमा
नूरपुर में प्राचीन शिव मंदिर कन्याओं को खाना खिला कर भंडारा खिलाया गया लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया मुख्य संचालन उमेश शर्मा ने किया
भारत में गुरु का सम्मान ऐसे व्यक्ति के रूप में किया जाता है जो न केवल शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि अपने शिष्यों में आदर्शों और मूल्यों को विकसित करते हुए जीवन के आवश्यक पाठ भी सिखाता है। गुरु के सम्मान के लिए समर्पित एक दिन है और इस दिन को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है, जो आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। यहां हम आपको गुरु पूर्णिमा 2022 की तिथि, इसके महत्व और इस दिन बनने वाले अद्भुत संयोग के बारे में बताएंगे।
नूरपुर में गुरु पूर्णिमा बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। गुरु पूर्णिमा के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन शश, हंस, भाद्र और रूचक नाम के 4 राज योग बन रहे हैं। साथ ही इस दिन बुध ग्रह भी अनुकूल स्थिति में रहेगा। जिससे बुधादित्य योग बन रहा है। वहीं शुक्र ग्रह मित्र ग्रहों के साथ विराजमान है। जो बहुत ही शुभ योग माना जाता है। ऐसे में इस दौरान लिया गया गुरु मंत्र और दीक्षा जातक के लिए बेहद शुभ साबित होगी। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन एक राशि में बैठे तीन प्रमुख ग्रह त्रिग्रही योग बनाएंगे। इस दिन मिथुन राशि में सूर्य, शुक्र और बुध ग्रह एक साथ रहेंगे।सेबा मे विकास सिंह अंकित मोहित जोशी शोनु आदि रहे


















