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गुलदार एवं जंगली जानवरों के आतंक से मुक्ति न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी, परिजनों को 25 लाख रुपए मुवावजा और सरकारी नौकरी देने की मांग

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उत्तराखंड गुरुड़ाबाज, धौलादेवी आईरा न्यूज़ नेटवर्क राजेश सिंघल

गुलदार एवं जंगली जानवरों के आतंक से मुक्ति न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी, परिजनों को 25 लाख रुपए मुवावजा और सरकारी नौकरी देने की मांग

गुरुड़ाबाज, धौलादेवी क्षेत्र के उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से क्षेत्र को गुलदारों, तेंदुओं, जंगली जानवरों के आतंक से मुक्त करने व नरभक्षी गुलदार द्वारा मारे गए 11 वर्षीय आरव के परिजनों को 25 लाख रुपए मुवावजा और सरकारी नौकरी देने एवं बंदरों लंगूरों और सूअरों द्वारा किसानों को हो रहे नुकसान से भरपाई करने की मांग की है।
उपपा के वरिष्ठ नेता बसंत खनी एवं कौस्तुभानंद भटृ के नेतृत्व में उपपा के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने बुधवार को गुरुड़ाबाज जाकर उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड में गुलदार व तेंदुओं के आतंक से लोग दहशत में हैं। महिलाओं का घास के लिए तथा बच्चों का स्कूल जाना व लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि हिंसक जानवरों द्वारा मारे गए पालतू पशुओं का मुआवजा भी नहीं बांटा गया है। ज्ञापन में लंगूरों, बंदरों, सूअरों के आतंक से किसानों को मुक्त करने की मांग की गई है और कहा गया है कि धौलादेवी क्षेत्र में कलोटा, कफलनी, टकोली, बाराकुना, बजेला, सिरा, मैचून, जाजर, पचेल, क्वाटकूना जैसे गांवों में दिनदहाड़े गुलदार देखे जा रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में उपपा के बसंत सिंह खनी, कौस्तुभानंद भट्ट, हरीश सिंह चम्याल, जसौद सिंह, दीवान राम, सामाजिक कार्यकर्ता शिवदत्त पांडे, नारायण‌ राम, दीप सिंह, राम सिंह नेगी, मंजू भट्ट, सुनील कुमार, हरीश राम, आनंद सिंह आदि लोग शामिल रहे। उपपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि ज्ञापन में 1 माह के भीतर कार्यवाही ना होने पर आंदोलन शुरू करने पर बाध्य होंग

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