नई दिल्ली

कांग्रेस नेत्री अर्चना गौतम से बदसलूकी का मामलासंदीप सिंह और धीरज गुर्जर के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज

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कांग्रेस नेत्री अर्चना गौतम से बदसलूकी का मामला
संदीप सिंह और धीरज गुर्जर के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज

रितेश सिन्हा।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेत्री व यूपी में हस्तिनापुर विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी अर्चना गौतम और उनके पिता, ड्राइवर व परिजनों के साथ पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय में 29 सितंबर 2023 को बदसलूकी हुई थी। इस मामले में कांग्रेस द्वारा कोई कार्रवाही न किए जाने से निराश अर्चना गौतम ने दिल्ली पुलिस के तुगलक रोड थाने पहुंचकर प्रियंका गांधी के नारे ’लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का दम दिखाते हुए न्याय के लिए 6 पृष्ठों की लंबी-चौड़ी शिकायत दिल्ली पुलिस से की है, जिसका डीडी नंबर 50-ए/12/10/23 है। अर्चना लगभग दो सप्ताह से कांग्रेस के बड़े नेताओं से संपर्क साधते हुए न्याय की मांग कर रही थी। दलित और महिलाओं के नाम पर संसद से सड़क तक हंगामा करने वाले नेता संदीप सिंह और धीरज गुर्जर की गुंडागर्दी पर चुप्पी साधे बैठे हैं। धीरज गुर्जर राजस्थान के विधानसभा चुनाव में सबसे कंफर्म उम्मीदवार माने जा रहे हैं, सीईसी के कई नेता उनके दरबारी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में लीपापोती के नाम एक कमिटी भी बनी, लेकिन न तो इस कमिटी के नाम का खुलासा हुआ, न ही कोई जांच की कार्यवाही हुई। इससे निराश अर्चना गौतम ने दिल्ली पुलिस में मामला दर्ज करा दिया।
कांग्रेस में दलितों के नाम पर बड़े ओहदे और बड़े कमरों में बैठे नेताओं में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव मुकुल वासनिक, कुमारी शैलजा, कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति के पीएल पुनिया, कांग्रेस में राहुल के नाक और कान दलित के नाम पर पूरे देश में कांग्रेस के झंडाबरदार बने के‐ राजू, महिलाओं की आवाज कांग्रेस प्रवक्ता, चैनलों में गरजने व बरसने वाली सुप्रिया श्रीनेत के साथ इन सभी बड़े नेताओं की खामोशी आम कांग्रेसियों को खल रही है। अर्चना के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ता और नेता खासा दुखी हैं। मगर प्रियंका गांधी के खासमखास संदीप सिंह के आगे कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे भी बौने ही साबित हुए हैं। अर्चना के तेवर आज भी बिग बॉस वाले खास अंदाज में हैं। महिला और दलित अधिकारों के लिए लड़ने वाली अर्चना कांग्रेस के इन बड़े नेताओं के दब्बूपन से निराश अपनी लड़ाई को खुद लड़ने अब मैदान में हैं।
हमसे खास बातचीत में उन्होंने कहा कि मामला अर्चना गौतम का नहीं, दलित और महिला के सम्मान और अधिकार की बात है। मुझे बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के बनाए देश के संविधान पर भरोसा है। अर्चना ने अपने साथ हुई बदसलूकी को अपने इंस्टाग्राम पर भी इस टाइटल के साथ पोस्ट किया है कि दिल्ली में जनपथ से सटे अकबर रोड में किस प्रकार मुझे, मेरे पिता और ड्राइवर को मारा गया। महिला कांग्रेस को उन्होंने आड़े हाथ लिया जो संदीप सिंह और धीरज गुर्जर का पूर साथ दे रही थी। अर्चना गौतम ने तुगलक रोड जाकर दिल्ली पुलिस को उस दिन के सभी घटनाक्रमों की पूरी फूटेज सौंपी है जो सोशल मीडिया पर पहले से वायरल हैं। अर्चना के साथ उनके वकील, पत्रकार और उनके कई समर्थक भी पहुंचे हुए थे। अर्चना के साथ कांग्रेस मुख्यालय में ही बदसलूकी आगामी पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों में बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस विरोधी दलों की नजर उनको अपने पाले में खींचने की है। इससे ये कयास अभी से लगने लगे हैं कि किसी बड़े राजनीतिक दल की उम्मीदवार भी हो सकती है।
फिलिस्तीन और इजरायल की लड़ाई को लेकर फिलिस्तीन के पक्ष में कांग्रेस वर्किंग कमिटी में पारित प्रस्ताव से पहले से ही पार्टी घिर चुकी है। नया मसला दलित और कांग्रेसी महिला नेत्री के साथ जिसे पार्टी टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा चुकी है, इस मामले ने विरोधी दलों खास कर सत्ताधारी दल भाजपा को बड़ा मौका दे दिया है। कांग्रेस की उच्चस्थ सूत्रों की माने पार्टी अध्यक्ष खड़गे इस मसले को सुलझाने में जुटे थे।ं उनके राजनीतिक सलाहकार गुरदीप सिंह सप्पल ने इस एपिसोड का ठीकरा नेटा डिसूजा पर फोड़ते हुए राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम को महिला कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फार्मूला सुझाते हुए अर्चना गौतम को राष्ट्रीय कमिटी में समायोजित किया जाना था।
फूलो देवी नेताम दो दिन पूर्व एआईसीसी आई थी, और बकायदा महिला कांग्रेस कार्यालय का निरीक्षण भी किया था। खासी देर होने की वजह से ये फार्मूला हकीकत में नहीं बदल सका और बात हाथ से निकल गई। अर्चना के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद उनके समर्थकों का कहना था कि खड़गे से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। अर्चना की आज भी सोनिया, राहुल और प्रियंका से न्याय की उम्मीदें बरकरार हैं। उन्होंने अभी तक किसी दल को अपने इस प्रकरण में शामिल नहीं होने दिया है, लेकिन कांग्रेस ने इस मामले में जिस प्रकार से टालममटोल रवैया अख्तियार किया है, दलितों, महिलाओं में निश्चित ही इसका गलत संदेश जा रहा है। देखना है कि संदीप सिंह और धीरज गुर्जर से निबटने का खड़गे के सिपाहसलार कौन सा फार्मूला कांग्रेस अध्यक्ष को सुझाते हैं, इस पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की नजरें टिकी हैं।

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