निदान डायग्नोस्टिक सेंटर धामपुर में सीटी स्कैन यूनिट पर सवाल-रेडिएशन सुरक्षा, स्वच्छता मानकों और मेडिकल नियमों के उल्लंघन का आरोप-मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज

निदान डायग्नोस्टिक सेंटर धामपुर में सीटी स्कैन यूनिट पर सवाल
रेडिएशन सुरक्षा, स्वच्छता मानकों और मेडिकल नियमों के उल्लंघन का आरोप; मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज
धामपुर/बिजनौर, 28 नवंबर।
जनपद बिजनौर के धामपुर स्थित निदान डायग्नोस्टिक सेंटर की सीटी-स्कैन यूनिट पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। केंद्र में रेडिएशन सुरक्षा मानकों, स्वच्छता प्रोटोकॉल, बायो-सेफ्टी नियमों और क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के उल्लंघन की शिकायत उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग (UPHRC) में दर्ज कराई गई है।

शिकायतकर्ता डॉ. मोहम्मद तारिक़ ज़की, सामाजिक कार्यकर्ता एवं World Accreditation of Human Rights के राष्ट्रीय महासचिव ने आयोग को भेजे प्रार्थना-पत्र में केंद्र के परिसर को “अत्यंत असुरक्षित एवं मानव-स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा” बताया है।

11 वर्षीय बच्चे के CT-Scan के दौरान सामने आई अव्यवस्था
शिकायत के अनुसार, स्योहारा निवासी 11 वर्षीय शारीफ, जिसे सांस लेने में गंभीर तकलीफ के बाद फेफड़ों के संक्रमण का संदेह होने पर डॉक्टर द्वारा CT-Scan की सलाह दी गई, उसे केंद्र पर लाया गया। इसी दौरान बच्चे के परिजनों ने केंद्र की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।



शिकायत में कहा गया है कि
कमरे की दीवारें नम और टूटी हुई मिलीं
प्लास्टर झड़ रहा था
कई स्थानों पर खुले व लटकते विद्युत तार
चिकित्सा उपकरण अव्यवस्थित
सामान्य कूड़ेदान एवं बॉक्स CT-Scan मशीन के पास ही रखे हुए
इन परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र में रेडिएशन लीकेज, संक्रमण और विद्युत दुर्घटना का जोखिम गंभीर बताया गया है।

AERB सुरक्षा मानक और मेडिकल नियमों के उल्लंघन का आरोप
शिकायतपत्र में निम्न प्रमुख उल्लंघनों का उल्लेख किया गया है
AERB (Atomic Energy Regulatory Board) सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
रेडिएशन शील्डिंग का अभाव
चेतावनी संकेत न होना
टेक्नीशियन के लिए अनिवार्य सुरक्षा उपकरण गायब
डोज मॉनिटरिंग सिस्टम उपलब्ध नहीं
Clinical Establishments Act, 2010 के प्रावधानों का उल्लंघन
परिसर में स्वच्छता और सुरक्षा की कमी
संरचनात्मक क्षति
संक्रमण-नियंत्रण मानकों की अनदेखी
Bio-Medical Waste Management Rules, 2016 का उल्लंघन
चिकित्सा कचरे का पृथक्करण व निस्तारण गलत तरीके से किया जाना
सामान्य कचरे का CT-Scan रूम में पाया जाना
मानवाधिकार आयोग से कार्रवाई की मांग
डॉ. ज़की ने आयोग से माँग की है कि—
- केंद्र की उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए।
- दोष सिद्ध होने पर केंद्र का पंजीकरण निलंबित/निरस्त किया जाए।
- संचालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
- जनपद के सभी डायग्नोस्टिक केंद्रों का निरीक्षण/ऑडिट कराया जाए।
उन्होंने इस शिकायत की Action Taken Report (ATR) उपलब्ध कराने की भी माँग की है।
प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं सकी
समाचार लिखे जाने तक निदान डायग्नोस्टिक सेंटर प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।





