नाबालिग बच्चों की मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग सख्त-SSP मुरादाबाद को नोटिस,23 मार्च तक जांच रिपोर्ट तलब
नाबालिग बच्चों की मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग सख्त
SSP मुरादाबाद को नोटिस, 23 मार्च तक जांच रिपोर्ट तलब
मुरादाबाद।
डीलारी–काज़ीपुरा क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमलों से नाबालिग बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले को उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), मुरादाबाद को नोटिस जारी कर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।

आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ल्ड एक्रेडिटेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स के मंडल पब्लिक रिलेशनशिप ऑफिसर शिकायतकर्ता जरीस मलिक द्वारा दायर शिकायत को डायरी संख्या 551/IN/2026 के तहत पंजीकृत किया गया है। आयोग ने प्रथम दृष्टया मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP मुरादाबाद को निर्देश दिया है कि वे शिकायत की गहन जांच कर, शिकायतकर्ता जरीस मलिक को जांच प्रक्रिया में शामिल करते हुए, अपनी रिपोर्ट 23 मार्च 2026 तक आयोग को प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई/सूचीकरण 24 मार्च 2026 को किया जाएगा।
शिकायत में आरोप है कि मुरादाबाद जनपद के डीलारी–काज़ीपुरा क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है, जिससे कई नागरिक घायल हुए और हाल ही में नाबालिग बच्चों की जान चली गई। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय और संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जो संवैधानिक दायित्वों की विफलता को दर्शाता है।
मानवाधिकार आयोग ने इस मामले को अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) तथा बच्चों के संरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों से जोड़ते हुए इसे गंभीर श्रेणी में रखा है। आयोग का मानना है कि यदि राज्य को खतरे की पूर्व जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह State Negligence का मामला बनता है।
अब सभी की निगाहें SSP मुरादाबाद की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि प्रशासनिक लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
— आईरा न्यूज़ नेटवर्क






