गिरनार प्रकरण को लेकर जैन समाज में आक्रोश, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

संवाददाता: वसीम अहमद, धामपुर
गिरनार प्रकरण को लेकर जैन समाज में आक्रोश, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
धामपुर – गुजरात के गिरनार पर्वत की पंचम टोंक पर जैन समाज के पूजा-अधिकारों के हनन को लेकर जैन समुदाय में गहरा आक्रोश देखा गया। इस संबंध में जैन मिलन अरिहंत शाखा धामपुर के नेतृत्व में समाज के लोगों ने उप जिलाधिकारी रितु रानी को गुजरात के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि 2 जुलाई 2025 को जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर नेमीनाथ जी के मोक्षस्थल पर देशभर से आए श्रद्धालुओं को पूजा, जयकारा, निर्वाण लड्डू चढ़ाने जैसे धार्मिक क्रियाकलापों से रोका गया। पुलिस द्वारा द्रव्य सामग्री की जब्ती, कड़ी चेकिंग और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की भी गंभीर शिकायतें की गईं।
समाज ने यह भी उल्लेख किया कि भारत सरकार का एएसआई और गुजरात राज्य गजेटियर दोनों ही इस स्थान को मूल रूप से जैन तीर्थस्थल मानते हैं। साथ ही गुजरात उच्च न्यायालय का 2005 का आदेश भी मौजूद है, जिसमें पंचम टोंक पर किसी भी नए निर्माण पर रोक लगाई गई है। बावजूद इसके वहां दत्तात्रेय मूर्ति की स्थापना को समाज ने धार्मिक अपमान और न्याय व्यवस्था की अवमानना बताया।
मुख्य मांगें:
पंचम टोंक से अवैध मूर्ति को हटाया जाए
क्षेत्र को संरक्षित जैन राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए
जैन समाज को पूजा-अधिकार बहाल किए जाएं
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से अध्यक्ष सुनील वर्मा जैन, मंत्री संजोग जैन, केंद्रीय संयुक्त मंत्री पंकज कुमार जैन सहित अभिषेक, उदित, मार्दव, अरुण, ऋषभ, शुभम, दिवाकर, अनिल, अमन जैन, और महिलाओं में बबीता, मीणा, राधा, सीमा, रेखा, कल्पना, शोभा, ममता, गीता जैन आदि मौजूद रहीं।
जैन समाज ने आशा जताई कि गुजरात सरकार धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगी।




























