गौतम खट्टर की गिरफ्तारी के विरोध में काशी के सनातनियों का जोरदार प्रदर्शन

भारत के प्रसिद्ध सनातनी इनफ्लुएंसर गौतम खट्टर की गिरफ्तारी के विरोध में आज काशी के 80 घाट पर साधना सनातन दल के बैनर तले व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में काशी के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं विधिक क्षेत्रों से जुड़े सनातनी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपनी नाराजगी और विरोध दर्ज कराए।
इस विरोध प्रदर्शन में वाराणसी सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी, अजय शर्मा, योगी आलोक नाथ शुक्ला तथा साधना सनातन दल के अध्यक्ष डॉ सौरभ मौर्य सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
विवेक शंकर तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि गौतम खट्टर जैसे सनातनी विचारधारा के समर्थक की गिरफ्तारी न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि “यदि सनातन के पक्ष में सच बोलना अपराध माना जा रहा है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।” साथ ही उन्होंने गोवा से जुड़े ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए हिंदुओं के साथ हुए अत्याचारों को असहनीय बताया।
डॉ सौरभ मौर्य ने अपने वक्तव्य में कहा कि गौतम खट्टर द्वारा सेंट जेवियर से जुड़े मुद्दों पर उठाए गए प्रश्न तथ्यात्मक और सत्य पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, “यदि सत्य बोलना अपराध है, तो देश का हर सनातनी इस अपराध में शामिल है।” उन्होंने इतिहास में गोवा की धरती पर हिंदुओं के साथ हुए अत्याचारों का उल्लेख करते हुए इसे सनातन समाज के प्रति घोर अन्याय बताया।
वहीं योगी आलोक नाथ शुक्ला ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह विरोध प्रदर्शन केवल एक शुरुआत है। यदि शीघ्र ही गौतम खट्टर की रिहाई नहीं होती है, तो यह आंदोलन व्यापक और उग्र रूप धारण कर सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि गौतम खट्टर को तत्काल रिहा किया जाए तथा सनातन विचारधारा के प्रति किसी भी प्रकार के दमन को रोका जाए।
विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से समाजसेवी रिंकू सेठ, रजत श्रीवास्तव , अखिलेश गुप्ता (अखिल जी), कृष्णा गुप्ता, हृदय नारायण पाण्डेय, धनंजय तिवारी आदि अनेक सनातनी शामिल थे।


















