मुजफ्फरनगर – सरकार द्वारा बाल श्रम एवं शोषण रोकने के उद्देश्य से समय-समय पर स्कीम एवं अभियान चलाए जाते रहते हैं लेकिन गरीबी के चलते आज भी छोटे-छोटे मासूम बच्चे कूड़ा करकट आदि बीन कर अपना अपने परिवार का जीवन यापन करने के लिए विवश हैं। कस्बा बुढ़ाना में गरीब बच्चे कूड़ा बीनकर कूड़े से कुछ प्लास्टिक छोटा-मोटा लोहा उठाकर कबाड़ी को बेच कर भर रहे अपना पेट सरकार के बड़े-बड़े दावे आगजो मैं अधिकारियों के पास सुरक्षित रखे हुए हैं हकीकत जनता के सामने है गरीब की हकीकत जानने के लिए वक्त हमारे पास कम ही होता है इसीलिए छोटा ही लिखा है हो सकता है ।
कोई अधिकारी पढ़कर इन गरीबों पर भी ध्यान दें और उनके पेट भरने का कोई इंतजाम हो सके क्या सरकार को ऐसे गरीब बच्चों के लिए कोई योजना नहीं चलानी चाहिए या सर्वे करके कितने परिवार ऐसे हैं जिनके बच्चे कूड़ा बीन कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं ऐसे परिवारों का डाटा सरकार को इकट्ठा करके उनके लिए अलग से योजना चलानी चाहिए ताकि इनका बचपन इनसे ना छीने और उनका परिवार का पालन पोषण सही तरीके से हो सके या कोई एनजीओ ऐसे लोगों के लिए कुछ कर सकता है तो आगे आना चाहिए जो लोग सक्षम है उन्हें भी आगे आकर ऐसे लोगों का सहयोग करना चाहिए ताकि हमारे देश से गरीबी खत्म हो सके और ऐसे परिवार सही तरीके से रह सके।
राजेश सिंघल की रिपोर्ट


















