ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित सेनेटाईजेशन एवं निगरानी समितियों से स्क्रीनिंग कराई जाए
कन्नौज: नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित सेनेटाईजेशन एवं निगरानी समितियों से स्क्रीनिंग कराई जाए। कोविड कमांड एंड कंट्रोल केंद्र से नियमित कोविड संबंधित गतिविधियों का सत्यापन किया जाए। कंट्रोल रूम को और सक्रिय करते हुए शत प्रतिशत व्यक्तियों से वार्ता की जाए। निगरानी समितियां द्वारा की जाने वाली स्क्रीनिंग का सत्यापन कंट्रोल रूम के माध्यम से एवं सेक्टर अधिकारी स्वयं मौके पर करना सुनिश्चित करें। सेनेटाईजेशन कार्य निर्धारित दिनों के अनुसार किया जाए। ऑक्सीजन प्लांट्स निर्माण के कार्यों में तेजी लायी जाए।
उक्त निर्देश आज जनपद हेतु नामित नोडल अधिकारी आवास आयुक्त तथा निदेशक, नगर भूमि सीमारोपण उ0प्र0 श्री अजय चौहान द्वारा एकीकृत कोविड कमांड एंड कंट्रोल केंद्र के औचक निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को दिए। उन्होंने एकीकृत कोविड कमांड एंड कंट्रोल केंद्र में उपस्थित सभी चिकित्सकों/ नोडल अधिकारी एवमान्य कर्मचारियों से कंमाण्ड केंद्र पर हो रहे कार्यों का जायजा लेते लिया, जिसमें उन्होंने सभी 10 लाइनों पर प्रतिदिन चलने वाली पूछताछ के संबंध में जानकारी की जिसमें बताया गया कि प्रतिदिन 03 शिफ्ट में विभिन्न अधिकारियों/ चिकित्सकों द्वारा होम आइसोलशन में रखे गए व्यक्तियों से वार्ता कर सभी आवश्यक जानकारी ली जाती है।
इस संबंध में आज की जानकारी में पाया गया कि मौके पर 20 व्यक्तियों से वार्ता की गई थी और यह भी बताया गया कि कल दिनांक 20 मई 2021 को सभी होम आइसोलेटेड मरीजों से वार्ता की गई थी जिसमें 64 मरीजों द्वारा फ़ोन नही उठाया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन व्यक्तियों से वार्ता नही हो पाती है उनके क्षेत्र में कार्यरत निगरानी समिति के माध्यम से प्रतिदिन रिपोर्ट लेते हुए यह प्रयास किया जाए कि कोई भी मरीज सत्यापन से न छूटे।
उन्होंने शिकायत पंजिका में दर्ज शिकायतों में से 05 रैंडम आधार पर शिकायतें चिन्हित कर मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से उनकी शिकायत पर किये गए निस्तारण के सत्यापन हेतु मौके पर शिकायत कर्ताओं से वार्ता कर जांच की जिसमें निस्तारण आख्या सही पाई गई। उन्होंने जनपद में कुल वितरित मेडिकल किट के संबंध में भी चर्चा की जिनमें बताया गया कि अभी तक कुल 3557 मेडिकल किट वितरित की जा चुकी है।
उन्होंने कुल 3557 मेडिकल किटों के वितरण के सत्यापन के संबंध में प्रश्न किया जिसमें बताया गया कि नियमित निगरानी समितियों से वडता कर प्रतिदिन वितरित होने वाली किटों के सम्वन्ध में जानकारी की जाती है, जिसपर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कल तक सभी वितरित मेडिकल किटों का सत्यापन संबंधित व्यक्ति से किये जाने के साथ ही उसके उपयोग की भी जानकारी किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को नियमित रूप से किये जाने वाले प्रश्नों की चेकलिस्ट तैयार करते हुए प्रति शिफ्ट चेकलिस्ट सभी को उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।
श्री चौहान द्वारा तदोपरान्त नगर पालिका क्षेत्र कन्नौज के वार्ड संख्या 13 सरायमीरा एवं वार्ड संख्या 19 सफदरगंज में साफ सफाई व्यवस्था का भी मौके पर मुआयना करते हुए संबंधित वार्ड के अध्यक्ष से भी वार्ता की एवं निर्देश दिए कि सभी स्थलों पर दिन निधार्रित करते हुए फॉकिंग, सेनेटीज़शन एवं स्वच्छता अभियान चलाया जाए, जिससे नागरित अपनी देखरेख में सेनेटाईजेशन करा सके। उन्होंने वार्ड संख्या 13 में दो रैंडम घरों के सदस्यों से वार्ड में होने वाली साफ सफाई अभियान, निगरानी समिति द्वारा किये गए दौरे एवं सेनेटाईजेशन कार्य का सत्यापन किया जिमें एक व्यक्ति द्वारा सेनेटाईजेशन कार्य का नही कराया जाना बताया, एवं अन्य वार्ड अध्यक्ष द्वारा सेनेटाईजेशन कार्य होना बताया गया। जिसपर उन्होंने वार्ड अध्यक्ष को दिन निर्धारित कर सेनेटाईजेशन कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्डों में। साफ सफाई व्यवस्था सही पाई।
नोडल अधिकारी द्वारा मेडिकल कालेज में भी प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कालेज सहित आया अधिकारियों व चिकित्सकों के साथ बैतहक की गई जिसमें उन्होंने ग्रामीण व देहात क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों के मध्य जागरूकता व बीमारी का चित्र पता लगाने हेतु किए जा सकने वाले उपायों के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें उपाय दिए गए कि क्षेत्रों में कार्य करने वाली निगरानी समितियों द्वारा घर-घर में जाकर प्रत्येक व्यक्ति की ऑक्सीमीटर वाह थर्मल स्कैनर के माध्यम से जांच किए जाने एवं ऐसे व्यक्ति जिनका तापमान थर्मल स्कैनर में औसत से ज्यादा है एवं ऑक्सीजन लेवल 90 से नीचे दिखाई दे उनका नाम तथा मोबाइल नंबर नोट करते हुए तत्काल कोवेट कंट्रोल रूम को सूचित कर उनकी जांच कराए जाने एवं मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस से बचने हेतु कोविड-19 नियमों का पूर्ण अनुपालन एवं जागरूकता ही आवश्यक है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य द्वारा बताया गया कि किसी भी व्यक्ति को जिस दिन से बुखार व शरीर दर्द होता है उसी दिन को संक्रमण का पहला दिन मानते हुए पूर्ण सुरक्षा अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने बताया की हल्के बुखार व बदन दर्द जैसे लक्षणों को नियमित होने वाला संक्रमण ना मानते हुए उसकी गंभीरता को समझ कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श बिना किसी शिथिलता के किया जाना आवश्यक है। नोडल अधिकारी द्वारा ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण के संबंध में भी आवश्यक जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए जिससे आने वाले समय में किसी प्रकार की कोई समस्या ना उत्पन्न हो।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों एवं उन को दी जाने वाली सुविधाओं तथा भोजन आदि के संबंध में भी आवश्यक जानकारी की एवं निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान देते हुए नियमित व समय से भोजन उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0), अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ,सहित अन्य चिकित्सक व कर्मचारी उपस्थित थे।


















