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PWD का जवाब आया, लेकिन जवाबदेही गायब-AIRA NEWS की खबर पर 25 दिन बाद नोटशीट-क्या इतने दिन में सबूत मिटाने का वक्त दिया गया..?

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PWD का जवाब आया, लेकिन जवाबदेही गायब-
AIRA NEWS की खबर पर 25 दिन बाद नोटशीट-क्या इतने दिन में सबूत मिटाने का वक्त दिया गया..?

स्योहारा / बिजनौर | एक्सपोज़े रिपोर्ट — AIRA NEWS NETWORK

10 जनवरी 2026 को AIRA NEWS NETWORK ने स्योहारा क्षेत्र में हाईवे किनारे हो रहे अवैध बेसमेंट निर्माण को लेकर जो सवाल उठाए थे, वे अब केवल मीडिया की सुर्खियाँ नहीं रहे।
करीब 25 दिन की चुप्पी के बाद 4 फरवरी 2026 को लोक निर्माण विभाग (PWD) को आखिरकार जवाब देना पड़ा-लेकिन यह जवाब कार्रवाई का नहीं, बचाव का प्रतीक बनकर सामने आया है।


PWD द्वारा जारी की गई नोटशीट/उत्तर में एक बात साफ़ है-
विभाग ने खबर को झूठा नहीं कहा
न ही यह दावा किया कि निर्माण वैध था
बल्कि खबर को संज्ञान में लेकर फाइल पर दर्ज किया गया
सवाल यह है कि-


अगर निर्माण अवैध नहीं था, तो 25 दिन बाद जवाब क्यों..?
और अगर अवैध था, तो 25 दिन तक किसके संरक्षण में चलता रहा..?
AIRA NEWS द्वारा मुद्दा उठाने और PWD के जवाब के बीच का 25 दिन का अंतराल कई गंभीर आशंकाओं को जन्म देता है
क्या इस दौरान निर्माण कार्य को पूरा कराने का समय दिया गया..?
क्या सबूतों को हटाने या ढकने का अवसर मिला..?
क्या स्थानीय PWD अधिकारी, पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बने रहे..?
यदि विभाग तत्काल कार्रवाई करता, तो शायद आज जवाब सिर्फ़ नोटशीट नहीं, सीलिंग और FIR के रूप में सामने आता।
PWD के जवाब में सबसे बड़ा छेद ये है कि
PWD ने यह स्पष्ट नहीं किया गया कि:
किस अधिकारी की जानकारी में यह निर्माण हुआ
किसने अनुमति दी या आंख मूंदे रखी
निर्माण कब शुरू हुआ और कब तक चला
अब तक कोई निलंबन, FIR या विभागीय जांच क्यों नहीं..?
यानी-
जवाब है, लेकिन जिम्मेदार का नाम नहीं
कार्रवाई की बात है, लेकिन कार्रवाई नहीं
क्या बिना मिलीभगत संभव है..?
सार्वजनिक भूमि, हाईवे किनारा, भारी निर्माण, बेसमेंट खुदाई-
यह सब बिना PWD, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मौन सहमति के बिना संभव नहीं माना जा सकता।
फिर सवाल उठता है:
क्या यह सिर्फ़ अवैध निर्माण नहीं, बल्कि संगठित प्रशासनिक लापरवाही का मामला है..?
मीडिया ने काम किया, सिस्टम अब भी कटघरे में
AIRA NEWS NETWORK की रिपोर्ट के बाद ही PWD हरकत में आया।
यदि मीडिया सवाल न उठाता, तो संभव है कि यह मामला भी
“चलते निर्माण” की तरह फाइलों में दबा दिया जाता।
यह जवाब इस बात का प्रमाण है कि-
प्रशासन दबाव में तो आता है, लेकिन जवाबदेही से अब भी बचता है।
AIRA NEWS NETWORK के सीधे सवाल
PWD और जिला प्रशासन से AIRA NEWS NETWORK के 5 सीधे सवाल:
अवैध निर्माण पर तत्काल रोक क्यों नहीं लगी..?
25 दिन तक जिम्मेदार अधिकारी कौन थे और कहाँ थे..?
क्या किसी अधिकारी को अब तक कारण बताओ नोटिस भी जारी हुआ..?
क्या इस मामले में FIR दर्ज होगी या सिर्फ़ नोटशीट चलेगी..?
यदि कल कोई हादसा होता है, तो नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी किसकी होगी?
नोटशीट से आगे कब जाएगी कार्रवाई..?
PWD का जवाब केवल एक औपचारिक कदम है।
असली परीक्षा अब यह है कि
क्या अवैध निर्माण पूरी तरह ध्वस्त होगा..?
क्या दोषी अधिकारी बचेंगे या नपेंगे..?
या फिर यह मामला भी सरकारी फाइलों में
“उत्तर दिया जा चुका है” लिखकर बंद कर दिया जाएगा..?
AIRA NEWS NETWORK की
यह खबर यहीं खत्म नहीं होती।
PWD का जवाब पहला पड़ाव है-अंतिम नहीं।
AIRA NEWS NETWORK इस पूरे प्रकरण की परत-दर-परत जांच जारी रखेगा और
यदि ज़रूरत पड़ी तो इसे मानवाधिकार आयोग, सतर्कता विभाग और न्यायालय तक भी ले जाया जाएगा।
जनता की सुरक्षा और सरकारी जवाबदेही-दोनों पर कोई समझौता नहीं।

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