नजीबाबाद – सर्व शिक्षा अभियान पर सरकार प्रतिदिन लाखों करोड़ों के हिसाब से सरकारी खजाना खर्च करती है, लेकिन कुछ सरकारी नौकर अपनी हटधर्मीता के चलते सरकार के इस अभियान को पलीता लगानेे में पीछे नहीं है। वह किसी न किसी रूप में सरकार और जनता को आर्थिक रूप से चूना लगाते ही रहते हैं। ऐसा ही एक मामला नजीबाबाद तहसील में वायरल ऑडियो से संज्ञान में आया है। जिसमें एक व्यक्ति मगन बिहारी लाल जोकि नजीबाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत मथुरापुर मोर के मोरध्वज किला के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं।
जिसमें शिक्षा मित्र मगन बिहारी लाल फोन पर किसी व्यक्ति से वार्तालाप करते हुए दबंगई के साथ अपनी शेखी बघारते नजर आ रहे हैं, कह रहे हैं कि मैंने 5 दिन तक लगातार विद्यालय अपनी मर्जी से बंद कराया था, जिसमें एक पत्रकार विद्यालय बंद को लेकर मेरे पीछे पड़ गया था, मैंने भी कह दिया था कि साले छाप, खूब छाप। वायरल ऑडियो में पत्रकार को गाली देते हुए मगन बिहारी बोला की चौदे से आज तक कील तक तो उखड़ी ना हैैैै। उसने (पत्रकार ने)अखबार में भी विद्यालय बंद को लेकर खूब छापा, लेकिन किसी से मेरा कुछ ना बिगड़ा और मैं उस पत्रकार को चैलेंज दे कर आया था की भागूवाला में कील गाड़ कर जा रहा हूं और तू कील उखाड़कर दिखा।
फोन पर वार्तालाप के दौरान जानकार व्यक्ति से बात करते हुए शिक्षा मित्र मगन बिहारी लाल पत्रकार के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कह रहे हैं कि चौदे से आज तक मेरी गाड़ी हुई कील तो उखड़ी ना है ,आगे अपनी बात को जारी रखते हुए मगन बिहारी लाल कह रहे हैं कि वह जमाना सतीश वाला था उसे तो मैं कब का आग लगा चुका हूं उसे तो फूंक दिया मैंने, अब तो मैंने नया जमाना खड़ा किया है और वह भी मदन बिहारी लाल ने अपने दम पर खड़ा करा है। ऐसे तो ना जाने कितने लोग शिकायत करते और अगर शिकायत की हिम्मत की भी तो उल्टा शिकायतकर्ता को ही जेल भिजवाने हमारी जिम्मेदारी होगी और साथ ही इसी बीच मगन बिहारी लाल इदरीश नामक व्यक्ति का फोन पर जिक्र करते हुए कह रहे हैं कि इदरीश के तो मैंने 250 वोट उखाड़ दिए और हंसते हुए आगे कह रहे हैं कि गुर्जरों के सारे वोट काट दिए और दावे से कह रहा हूं कि गुर्जर वोट दोबारा बन जाए ऐसा हो नहीं सकता।
आगे मगन बिहारी लाल दावा करते हुए कह रहे है कि लाखों रुपए फूकने के बाद भी गुर्जर वोट नहीं बन सकता, क्योंकि मैंने अपने संबंधित विभाग के अधिकारियों में अपनी अच्छी पकड़ बना रखी है क्योंकि इस विभाग में नौकरी करता हूं, इसलिए इस विभाग में अधिकारियों के बीच मैंने मजबूती बना रखी है। मगन बिहारी लाल की कोई कील उखाड़ ले किसी में दम नहीं है। क्षेत्र के सारे लोग इकट्ठा होने के बाद जी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। क्योंकि मैं राजनीति में माहिर हूं, मुझे सब मालूम है कि कहां कौन सी चाल चलनी है। जबकि एक ओर इसी मामले को लेकर ग्राम मथुरापुर मोर के मजरा जाफराबाद के ग्राम वासियों में शकील अहमद पुत्र अब्दुल हमीद आदि के द्वारा उप जिलाधिकारी नजीबाबाद को खंड शिक्षा अधिकारी व जिलाधिकारी बिजनौर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
जिसमें अवगत कराया गया कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली 20 21 के पुनरीक्षण के दौरान शिक्षामित्र मगन बहारी लाल प्राथमिक विद्यालय मोरध्वज किला ग्राम पंचायत मथुरापुर मोर में बीएलओ के रूप में नियुक्त किए गए थे। इनके द्वारा ग्राम पंचायत मथुरापुर मोर में सम्मिलित मजरा जाफराबाद के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से विलोपित यानी कि हटा दिए गए। जबकि पूर्व से ही विलोपित किए गए मतदाताओं के नाम पंचायत निर्वाचक नामावली में विधानसभा निर्वाचक नामावली की मतदाता सूची में दर्ज थे, जिस कारण काटे गए विलोपित किए गए मतदाता मतदान करने से वंचित रह गए। इस मामले की जांच सुपरवाइजर व लेखपाल द्वारा कराई गई, जिसमें ग्राम वासी शकील अहमद आदि ग्राम मथुरापुर मोर के मजरा जाफराबाद के निवासी पाए गए। जिनके नाम पूर्व से ही मतदाता सूची में दर्ज थे। जिनका मगन बिहारी लाल शिक्षामित्र द्वारा फार्म 14 भरकर विलोपित यानी कि छुपा दिए गए।
इनके द्वारा निर्वाचन जैसी महत्वपूर्ण कार्य में घोर लापरवाही की गई है। जिसमें उक्त बीएलओ मगन बिहारी लाल के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए जांच के आदेश दे दिए गए थे लेकिन दबंग किस्म के व्यक्ति मगन बिहारी लाल पर अभी तक कोई भी शासनात्मक कार्यवाही क्यों नहीं की गई है ! क्या संबंधित अधिकारी लापरवाह मगन बिहारी लाल के दबाव में कार्य कर रहे हैं, जो कि अभी तक उस पर किसी प्रकार की कार्यवाही करने से उच्च अधिकारी कतरा रहे हैं। और साथ ही पत्रकार यानी कि देश के चौथे स्तंभ को मगन बिहारी जैसा शिक्षक अशब्द व गालियां बक रहा हैं। ऐसा शिक्षक छोटे बच्चों को क्या शिक्षा देता होंगा। ऐसे शिक्षक के सहारे बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कहां तक उचित है, यह भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है। मामले को संज्ञान में लेकर शासन प्रशासन को चाहिए ऐसे गाली बाज व नागरिकों के मताधिकार वोट बनाने में गड़बड़ी करने वाले शिक्षक पर दंडात्मक कार्यवाही करे।
सरफराज अहमद की रिपोर्ट


















