वाराणसी/उत्तरप्रदेशशहर

BHU-GIZ दो-दिवसीय कार्यशाला 2026: पाठ्यक्रम विकास और संचालन योजना पर IM-FMS BHU में दो-दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

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वाराणसी, 06.02.2026: कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने प्रबंधन अध्ययन संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, में आयोजित पाठ्यक्रम विकास और संचालन योजना 2026 पर आधारित BHU-GIZ की दो-दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होने इस सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में केवल पारंपरिक ब्रिक-एंड-मोर्टार मॉडल पर निर्भर रहना, स्केलेबल और समावेशी शिक्षा की माँग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नही है,साथ ही SWAYAM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की भूमिका तथा शिक्षा के विस्तार, शिक्षार्थी विश्लेषण को सुधार करने और व्यक्तिगत शिक्षण को सक्षम बनाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एकीकरण पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने हेतु ‘एंबेसडर’ के रूप में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सुश्री प्रियंशी मणि, परियोजना प्रमुख, डिजिटल स्किल्स टू सक्सीड (DS2S), GIZ ने उच्च शिक्षा और कौशल विकास में लंबे समय से चल रही इंडो-जर्मन सहयोग के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि GIZ, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के साथ साझेदारी से बीएचयू और इग्नू के साथ मिलकर SWAYAM प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से माइक्रो-क्रेडेंशियल्स की अवधारणा को बढ़ावा देने का काम कर रही है। बीएचयू की नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल भारत के लिए बल्कि अन्य देशों के लिए भी एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित हो सकती है साथ ही कार्यशाला में माइक्रो-क्रेडेंशियल्स को स्थायी बनाने, हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से उनके व्यापक विस्तार को सक्षम बनाने तथा नवाचार एवं एआई-सक्षम अकादमिक-उद्योग सहयोग के माध्यम से इन्हें समृद्ध करना है।
प्रो. आशुतोष मोहन, समन्वयक, SWAYAM–INI, प्रबंधन अध्ययन संस्थान, ने जानकारी दी कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा बीएचयू को INI–SWAYAM ढांचे के अंतर्गत माइक्रो-क्रेडेंशियल पाठ्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु विश्वविद्यालय के रूप में नामित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के सहयोग से विकसित डिजिटल उद्यमिता तथा डिजिटल मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग विषयक पाठ्यक्रम 16 फरवरी 2026 से SWAYAM पोर्टल पर प्रारंभ किया जाएगा, जिन्हें विद्यार्थियो को भी लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित संकाय एवं विद्यार्थियो के विकास की जानकारी दी।
प्रबंधन अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेयी ने विश्वविद्यालय नेतृत्व, SWAYAM समूह एवं सहयोगी संस्थानों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये प्रयास बीएचयू में डिजिटल शिक्षा एवं कौशल-आधारित अधिगम पहलों को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
इस दो-दिवसीय कार्यशाला में विभिन्न शैक्षिक प्रक्रिया के अनुरूप पाठ्यक्रम अनुकूलन, हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से व्यापक पहुँच, शिक्षार्थी सहायता विश्लेषण, लिविंग लैब्स आधारित क्षमता-निर्माण तथा डिजिटल कौशल एवं उद्यमिता में एआई-सक्षम नवाचारों पर सत्र आधारित है। कार्यशाला में GIZ, KPMG, SWAYAM कार्यकारी परिषद, बीएचयू के संकाय सदस्यों एवं तकनीकी टीमों के विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र का समापन प्रबंधन अध्ययन संस्थान के संकाय प्रमुख प्रो. एस. के. दुबे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने माननीय कुलपति, GIZ और KPMG के प्रतिनिधियों, SWAYAM कार्यकारी परिषद के सदस्यों, संकाय सदस्यों तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कहा कि यह कार्यशाला शिक्षा मंत्रालय को प्रस्तुत किए जाने योग्य व्यावहारिक एवं क्रियान्वयन-योग्य अनुशंसाएँ प्रदान करेगी।

Sallauddin Ali

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