विधायक आदेश चौहान ने भाजपा नेता पर लगाए गंभीर आरोप, फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में जांच की मांग

जसपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,शाहजहांपुर फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण को लेकर विधायक आदेश चौहान ने भाजपा सरकार और एक स्थानीय भाजपा नेता पर गंभीर आरोप लगाते हुए फरार आरोपियों से कथित संबंधों की जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मामले का एक फरार आरोपी भाजपा नेता के साथ दिखाई दे रहा है, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।
प्रेसवार्ता में उठाए सवाल
रविवार को ब्लॉक अध्यक्ष शैलेंद्र गहलौत के कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में विधायक आदेश चौहान ने कहा कि शाहजहांपुर शस्त्र लाइसेंस प्रकरण के दो आरोपी अभी भी फरार हैं। इनमें से एक आरोपी जसपुर विधानसभा क्षेत्र के एक गांव का निवासी है।
वायरल वीडियो का हवाला
उन्होंने आरोप लगाया कि वायरल वीडियो में आरोपी भाजपा नेता के साथ नजर आ रहा है और उसके संपर्क में है। विधायक ने कहा कि ऐसे में निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए, ताकि जनता को पता चल सके कि आखिर सत्ता पक्ष के नेताओं का फरार आरोपियों से क्या संबंध है।
तालाब भूमि का मुद्दा भी उठाया
विधायक ने मोहल्ला नईबस्ती (डेरिया) स्थित तालाब भूमि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि यह भूमि मूल रूप से श्रेणी-3 (तालाब) में दर्ज थी, लेकिन कथित मिलीभगत के चलते इसे भूमिधरी में दर्ज कर बेचने की तैयारी की जा रही थी।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
आदेश चौहान ने कहा कि उनके प्रयासों से मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और भूमि को पुनः तालाब श्रेणी में दर्ज कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही के कारण आठ वर्षों तक तालाब की श्रेणी खतौनी में दर्ज नहीं हो सकी।
एसडीएम का जताया आभार
विधायक ने बताया कि हाल ही में एसडीएम राहुल शाह से मुलाकात के बाद भूमि को खतौनी में दर्ज किया गया, जिसके लिए उन्होंने एसडीएम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तालाब जैसी सार्वजनिक संपत्ति को बचाना उनकी प्राथमिकता है।
प्रेसवार्ता में ये रहे मौजूद
इस दौरान नगराध्यक्ष मो. नाजिम, बब्लू, गजेंद्र सिंह, सर्वेश सिंह, रिपुदमन, राहुल, जीतू, हरपाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विधायक ने मांग की कि शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में वायरल वीडियो की सत्यता जांचकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और तालाब भूमि पर कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जाएं।


















