स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर बवाल, विरोध के बीच जबरन मीटर उखाड़ने का आरोप, सदमे में आए डॉक्टर ICU में भर्ती

जसपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,,,मोहल्ला जुलाहान, अस्पताल रोड, वार्ड नंबर सात में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की टीम ने कड़े विरोध के बावजूद दबंगई दिखाते हुए जबरन पुराने मीटर उखाड़कर स्मार्ट मीटर लगा दिए। इस घटना के बाद एक उपभोक्ता, डॉ. गुलाब सिंह राणा की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें गंभीर हालत में काशीपुर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। *दो बार पहुंची टीम, विरोध के बीच तोड़े मीटर* मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार, 21 मई को स्मार्ट मीटर लगाने वाली टीम वार्ड नंबर सात के मोहल्ला जुलाहान पहुंची थी। मोहल्लेवासियों ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध किया, जिसके बाद टीम को वापस लौटना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ देर बाद टीम कथित जेई अंतरिक्ष जैन के नेतृत्व में दोबारा मौके पर पहुंची और विरोध के बावजूद पुराने मीटरों को तोड़-फोड़ कर हटाते हुए जबरन स्मार्ट मीटर लगा दिए। *समाजसेवी ने लगाया दबाव बनाने का आरोप* मौके पर मौजूद समाजसेवी वेदानंद शर्मा ने आरोप लगाया कि कथित जेई अंतरिक्ष जैन तथा उनके साथियों ने स्थानीय लोगों पर दबाव बनाकर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए। लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन टीम ने उनकी एक नहीं सुनी। वेदानंद शर्मा ने बताया कि इस घटना से सरकारी अस्पताल रोड निवासी विद्युत उपभोक्ता *डॉ. गुलाब सिंह राणा गहरे सदमे में आ गए* और उनकी हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल काशीपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उनका आईसीयू में उपचार चल रहा है। *आईसीयू से बोले डॉक्टर राणा: “तबीयत ठीक नहीं”* मीडिया द्वारा संपर्क करने पर अस्पताल में भर्ती डॉ. गुलाब सिंह राणा ने बताया कि *”उनकी तबीयत अभी बिल्कुल सही नहीं है, वह आईसीयू में भर्ती हैं और उपचार चल रहा है।”* उन्होंने विद्युत कर्मचारियों पर दबंगई का आरोप भी लगाया। *डॉक्टरों और मोहल्लेवासियों में रोष* जबर्दस्ती मीटर लगाए जाने की घटना को लेकर जसपुर के डॉक्टरों और मोहल्लेवासियों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि विभाग को पहले उपभोक्ताओं को विश्वास में लेना चाहिए था। बिना सहमति जबरन मीटर बदलना गलत है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए और डॉ. गुलाब सिंह राणा के इलाज का खर्चा भी विभाग वहन करे। *विभाग का पक्ष नहीं मिल सका* इस पूरे मामले में बिजली विभाग के अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका है।


















