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सूचना का अधिकार अधिनियम,एक बड़ा कदम,जिसका मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाने,सरकार के कार्य में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना-मा0 राज्य सूचना आयुक्त, उ0प्र0 लखनऊ श्रीमती किरन बाला चौधरी

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सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को सरकार की गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम, जिसका मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाने, सरकार के कार्य में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना, आज वाद सुनवाई कार्यक्रम में 25 वादों का किया गया निस्तारण-मा0 राज्य सूचना आयुक्त, उ0प्र0 लखनऊ श्रीमती किरन बाला चौधरी


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BIJNOR- 13 SEPTEMBER, 2023

मा0 राज्य सूचना आयुक्त, उ0प्र0 लखनऊ श्रीमती किरन बाला चौधरी ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाने, सरकार के कार्य में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है। यह कानून नागरिकों को सरकार की गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए उठाया गया एक बड़ा कदम है। उन्होंने जिले के समस्त जन सूचना अधिकारी एवं उनके प्रथम अपीलीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि सूचनाएं देने में बहानेबाजी व लापरवाही न की जाए। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि निर्धारित समय में सूचनाएं उपलब्ध न कराने वालों अथवा गलत/अपूर्ण सूचना उपलब्ध कराये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सभी प्रथम अपीलीय अधिकारी भी प्राप्त आवेदनों का गम्भीरतापूर्वक निस्तारण सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मा0 राज्य सूचना आयुक्त द्वारा कुल 52 में से 25 से अधिक लम्बित प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
मा0 राज्य सूचना आयुक्त, उ0प्र0 लखनऊ श्रीमती चौधरी आज जिला बिजनौर भ्रमण कार्यक्रम के दूसरे दिन पूर्वान्ह 10ः30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सुनवाई कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विभागों में जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत लम्बित प्रकरणों की सुनवाई करते हुए उपस्थित जन सूचना अधिकारियों एवं अपीलीय अधिकारियों को निर्देश दे रही थीं।
उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी सूचना का दिया जाना सम्भव नहीं है तो शिकायतकर्ता को उसका स्पष्ट कारण बताएं ताकि उसकी पुनवृत्ति न होने पाए। उन्होंने पुनः सभी जन सूचना अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आपके नियंत्रण में जो अभिलेख है उसके अन्तर्गत आवश्यक देय सूचना उपलब्ध करायें, काल्पनिक सूचना एवं थर्ड पार्टी की सूचना देय नहीं है। उन्होंने कहा कि आवेदन में पोस्टल आर्डर ही स्वीकार होगा नोट के आधार सूचना देय नहीं होगी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जन सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सभी महत्वपूर्ण जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिनसे अधिकारी एवं आमजन लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मा0 राज्य सूचना आयुक्त, उ0प्र0 लखनऊ श्रीमती चौधरी द्वारा आज वाद सुनवाई कार्यक्रम के दौरान 50 से अधिक विभागों में जन सूचना अधिकार अधिनियम से संबंधित लम्बित प्रकरणों की विभागवार सुनवाई की करते हुए 25 प्रकरणों को निस्तारित किया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिला स्तर पर ही जन सूचना अधिकारी व प्रथम अपीलीय अधिकारियों के द्वारा जन सूचना के केस निस्तारित करने के प्रयास किए जाएं ताकि आयोग पर अनावश्यक रूप से वादों का बोझ कम हो सके।
इस अवसर पर अतिरिक्त उप जिला मजिस्ट्रेट हर्ष चावला, संबंधित विभागों के जन सूचना अधिकारी, अपीलीय जन सूचना अधिकारी एवं वादीगण मौजूद थे।

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