शब-ए-कद्र की रात नूरपुर में रही रौनक,मस्जिदों में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़

रिपोटर विकास सिंह
शब-ए-कद्र की रात नूरपुर में रही रौनक, मस्जिदों में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़
नूरपुर। रमज़ान से पहले आने वाले उर्दू माह शाबान में एक रात शब-ए-कद्र के रूप में मानी जाती है, जिसे मुस्लिम समाज अपने गुनाहों की माफी और इबादत में गुजारता है। गुरुवार की रात शब-ए-कद्र के मौके पर नूरपुर की मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरे नगर में रौनक देखने को मिली।
मस्जिदों में विशेष इबादत और तकरीरें
मरकज़ सय्यदो वाली मस्जिद, जामा मस्जिद, नूरानी मस्जिद, चांद तारा मस्जिद, बड़ी सराय मस्जिद, अबू हुरैरा मस्जिद और इस्लाम नगर नूर मस्जिद समेत कई मस्जिदों में अकीदतमंदों ने पूरी रात इबादत की। उलेमाओं ने इस मुबारक रात की फज़ीलत बताते हुए कहा कि शब-ए-कद्र हजार महीनों से बेहतर है और इस रात की गई इबादत से बंदे के तमाम गुनाह माफ हो जाते हैं बताया।
अकीदतमंदों ने रखा शुक्रवार का रोजा
शब-ए-कद्र की बरकतों से सराबोर होने के बाद, अगले दिन शुक्रवार को अकीदतमंदों ने रोज़ा रखा और मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की। नमाज के बाद अमन और भाईचारे की दुआएं मांगी गईं।शहरभर में शब-ए-कद्र की रात की रौनक और अकीदतमंदों का उत्साह देखने लायक था।


















