रॉयल हॉस्पिटल मे आयुर्वेदिक सर्जनों की सीएमई वर्कशॉप में आधुनिक शल्य तकनीकों पर प्रशिक्षण

सौ से अधिक चिकित्सकों की भागीदारी ||
आयुर्वेदिक सर्जनों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की पहल,रॉयल हॉस्पिटल चितईपुर मे आयोजित हुई विशेष वर्कशॉप ||
पूर्वांचल के 14 जिलों से आए आयुर्वेदिक सर्जन,जटिल सर्जरी का लाइव प्रदर्शन बना आकर्षण ||
नीमा सर्जिकल सोसाइटी की सीएमई में प्रदेशभर के आयुर्वेदिक सर्जन जुटे,लाइव ऑपरेशन का प्रदर्शन ||
रॉयल हॉस्पिटल में आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा पर एक दिवसीय प्रशिक्षण, विशेषज्ञों ने साझा किए नए अपडेट ||
वाराणसी :- चितईपुर स्थित रॉयल हॉस्पिटल अवलेशपुर में नीमा सर्जिकल सोसाइटी उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सकों की एक दिवसीय वर्कशॉप एवं सीएमई (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया | कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग सैकड़ो आयुर्वेदिक सर्जनों ने प्रतिभाग किया | कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एमएस आयुर्वेद शल्य डिग्रीधारी चिकित्सकों को शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अपडेट एवं तकनीकों से अवगत कराना है |
आयोजकों के अनुसार इस प्रकार की वर्कशॉप प्रत्येक दो माह में आयोजित की जाती है जिसमें चिकित्सकों को लाइव ऑपरेशन का प्रदर्शन,पैनल डिस्कशन तथा विशेषज्ञों द्वारा शंका समाधान के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है |
कार्यक्रम में पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के लगभग चौदह जिलों से आए आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया इनमें कई चिकित्सक अपने-अपने जिलों में उच्चस्तरीय अस्पताल संचालित कर रहे हैं जबकि कुछ काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय तथा प्रदेश के विभिन्न राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालयों में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं | इन चिकित्सकों द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को शल्य चिकित्सा की सस्ती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है |
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भदोही के सांसद विनोद बिंद और विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय आयुष अधिकारी वाराणसी, चंदौली,भदोही डॉ.अरविंद सिंह उपस्थित रहे | कार्यक्रम में नीमा सर्जिकल समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह,उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डॉ.आनंद विद्यार्थी,उपाध्यक्ष डॉ.अरुण सिंह,सचिव डॉ.मनोज कुमार यादव, कोषाध्यक्ष डॉ एनी त्रिपाठी सहित डॉ.राघवेंद्र राय,डॉ. राजीव सिंह,डॉ.शिवजी गुप्ता,डॉ.हरिओम सिंह,डॉ.पी.एस.पांडे समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे |
वर्कशॉप की विशेषता यह रही कि वर्कशॉप के दौरान लगभग दस जटिल शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं का लाइव प्रदर्शन किया गया इनमें लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी,लेप्रोस्कोपिक हर्निया रिपेयर,ओपन हर्निया मेश रिपेयर, कॉम्प्लेक्स फिस्टुला,फिशर एवं पाइल्स जैसी शल्य क्रिया का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया | सभी शल्य प्रक्रियाओं में एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय से प्रशिक्षित डाक्टर डॉ.पी.एस. पांडे एवं डॉ.हरिओम सिंह ने निभाई,जो एमडी आयुर्वेद (संज्ञाहरण) की उपाधि प्राप्त विशेषज्ञ हैं |
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सकों को आधुनिक तकनीकों से उच्चीकृत करने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है ||




























