ये चिंता का नही बल्कि आत्म चिंतन का समय है-राजीव कुमार शर्मा,मानव अधिकार पक्षकार

ये चिंता का नही बल्कि आत्म चिंतन का समय है –
दिल्ली – पता नही क्यों मुझे पिछले 2 3 दिन से ये आभास हो रहा है की सरकार उत्तर प्रदेश में 22 जनवरी को अयोध्या में आयोजित राम मंदिर के कार्यक्रम एवम 26 जनवरी का आयोजन सम्पूर्ण होने के बाद ना जाने फिर किसी दिन कोरोना के बढ़ते मामलो का हवाला देकर 2020 – 21 की तरह ही देश लॉक डाउन का फरमान जारी करेगी ।
जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे ही वैसे कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे है,
क्या ये महज संयोग है या फिर सत्ताधारी पार्टी के चाणक्य का कोई नया प्रयोग है ।
मोदी जा का अस्सी करोड़ लोगो को अगले पांच साल और मुफ्त का राशन देने का वादा, आज के अमर उजाला में पेज नंबर तेरह पर छपा देश के गृहमंत्री और भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह का ये बयान – लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन से विपक्ष को करेंगे अचंभित, और इसी पेज पर छपी एक चिंता जनक चेतवानी के साथ छपा समाचार – सात महीने बाद कोरोना के सर्वाधिक 752 नए मामले, दुनियां में एक महीने में बढ़े 52 फीसदी केस, 4 लोगो की मौत सक्रिय मामलो की संख्या बढ़कर 3420 हुई , क्या ये वास्तव में ही कोई क्रोनोलोजी है या वर्तमान सरकार की 2024 का लोकसभा चुनाव जीतने की आईडियोलोजी, हो सकता है कुछ लोगो के लिए ये खबर महज एक चिंता का विषय हो मगर मेरे लिए ये चिंता का नही बल्कि चिंतन का विषय है क्योंकि मैं बहुत दूर की सोचता हूं ।
क्या फिर से वही 2021 वाला भयावह मंजर होगा, इधर 2021 की तरह ही देश में कोरोना से हाहाकार मचेगा, उधर बंगाल की तरह ही देश में लोकसभा के चुनाव हो रहे होंगे और इधर राशन की दुकान पर मुफ्त का राशन मिल रहा होगा और उधर टीवी पर एंकर अमृत काल में आपदा में अवसर तलाशते हुए कोरोना पीड़ितों और कोरोना से हुई मौत के डरावने आंकड़ों और खबरों के बीच बीच में मोदी जी के नेतृत्व में विश्व गुरु बन चुके भारत में मोदी जी के द्वारा कोरोना से जंग जीतने की खबर का तड़का लगाते रहेंगे और उधर शायद फिर से शासन प्रशासन की व्यवस्था में बैठे कुछ लोग लाशों को फिर से गंगा में बहाते रहेंगे तो कुछ लोगो की लाशों को फिर पहले की तरह ही कुत्ते नोच नोच कर खाते रहेंगे ।
जिनके घर परिवार में से कुछ सदस्यों में से कुछ इलाज के अभाव में पहले की तरह मर जायेंगे और कुछ बच पाएंगे, जो बच जायेंगे वो जिंदा रहने मात्र को ही विकास समझेंगे और 5 किलो मुफ्त का राशन राशन की दुकान से लाकर खायेंगे और सरकार का गुणगान करते जायेंगे,इस तरह 2024 में लोकसभा चुनाव के परिणाम मात्र विपक्ष को ही नही बल्कि देश की जनता को भी चोकाएंगे और फिर जब सब कुछ सामान्य हो जाएगा तो एक दिन फिर पहले की तरह ही हमारे प्रधान मंत्री मोदी जी और योगी जी देश की लोकसभा और विधान सभा में इस जानकारी से देश की जनता को अवगत कराते हुए चोकाएँगे की देश में कोरोना काल में इलाज के अभाव में किसी की भी मृत्यु नही हुई है, बल्कि कोरोना काल में मरने वाले सभी लोग स्वेच्छा से पंडित दिन दयाल उपाध्याय स्वर्गलोक यात्रा पर गए है आप लोग धैर्य बनाए रखिए वो जल्द ही लोट आयेंगे ।
इस सब के बाद 2027 में जब विधान सभा चुनाव आयेंगे तो हम कोरोना काल में अपने परिवार के मरने वाले सभी सदस्यों को भूलकर फिर से वही गाना गाएंगे जो राम को लाए है हम उनको लायेंगे यूपी में फिर से हम भगवा लहराएंगे ।
राजीव कुमार शर्मा, मानव अधिकार पक्षकार


















