मुस्लिम छात्राओ के लिए वरदान साबित होगा एस यू गर्ल्स इंटर कॉलेज,आज हो गया आगाज

काशीपुर /उत्तराखंड (रिजवान अहसन ),, उत्तराखंड के गरिमामई मदरसों में से एक काशीपुर का शमसुल उलूम मदरसा अब एक नए अवतार में आ चुका है।
कर्बला रोड हौज वाली मस्जिद के पास स्थित मदरसा अब एस यू गर्ल्स इंटर कॉलेज के नाम से जाना जाएगा। बुधवार की सांय 4 बजे एस यू गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रांगण में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें शहर के मुस्लिम समाज से जुड़े गणमान्य जनों ने भारी संख्या में शिरकत की तथा विद्यालय निर्माण के लिए विद्यालय प्रबंध समिति को सराहा और शुभकामनाएं प्रस्तुत की।
एस यू गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक श्री असरार अहमद ने आईरा न्यूज़ को बताया कि क्षेत्र काशीपुर में छात्राओ के लिए इंटरमीडिएट तक की शिक्षा के लिए विद्यालयों का गंभीर अभाव था जिसके चलते बहुत सारी छात्राएं तो शिक्षा से ही वंचित हो जाती थी और गिने चुने इन विद्यालयों में एडमिशन के लिए छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था विशेष रूप से मुस्लिम समाज की लड़कियों के लिए उच्च स्तरीय शिक्षा हेतु अभिभावकों की भारी मांग पर ही एस यू गर्ल्स इंटर कॉलेज की स्थापना की गई है
वही विद्यालय के ऑडिटर मोहम्मद अशरफ सिद्दीकी ने कहा कि आज मुस्लिम समाज को विशेष रूप से लड़कियों को ऐसे विद्यालयों की विशेष आवश्यकता है जहां मुस्लिम समाज की बच्चियों धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा को भी ग्रहण कर सके तथा अपने मादरे वतन हिंदुस्तान की उन्नति और तरक्की का हिस्सा बन कर अपना बेहतर योगदान प्रदान कर सके।स्कूल का मकसद बाहर के दूषित वातावरण से बच्चियों को बचाया जा सके तथा संस्कार और अनुशासन के साथ साथ उनमें चरित्र निर्माण की स्थापना की जा सके। दर्जनों दर्शकों के बीच कार्यक्रम का सफल संचालन मास्टर जलीस सिद्दीकी ने किया तथा विद्यालय की खूबियां बयान करते हुए बताया कि मुस्लिम समाज की लड़कियां आज विश्व पटेल पर अपनी प्रतिभा का लोहा बनवा रही है इस दिशा में स्वच्छ वातावरण में मुस्लिम समाज की लड़कियां शिक्षा के महत्व को समझे। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की तर्ज पर स्थापित एस यू इंटर कॉलेज आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा का भी ज्ञान दे रहा है। जहां छात्राओं के लिए न्यूनतम शुल्क, अनुभवी शिक्षक और छात्राओं को बेहतर सुविधाओं को देने का प्रयास किया जा रहा है जिससे हमारे समाज की बच्चियां उच्च शिक्षा ग्रहण कर राष्ट्र की मुख्य धारा का हिस्सा बन सके।
विद्यालय के बोर्ड डायरेक्टर और राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मशहूर शायर इकबाल अदीब साहब ने बताया की यह विद्यालय 1942 में ही मदरसे के रूप में स्थापित हो चुका था उसके बाद 1967 में यहां प्राइमरी शिक्षा प्रारंभ हुई। बाद में स्थानीय लोगों एवं संचालक समिति के प्रयास से 1985 में इसे जूनियर हाई स्कूल की मान्यता प्राप्त हुई। समय समय पर वक्त की जरूरत को देखते हुए 1905 में इस मदरसे ने हाई स्कूल की मान्यता प्राप्त की
इसी मदरसे से शिक्षा प्राप्त करके अनेकों छात्र देश एवं विदेश में उच्च पदों पर आसीन है तथा हमेशा सही शिक्षा और सेवा के भाव से निरंतर कार्यकर्ता आ रहा है अब इसको इंटर कॉलेज का रूप दिया गया है विशेष रूप से कन्याओं के लिए यह एक वरदान साबित होगा।
हैरत की बात तो यह है विद्यालय को अभी तक कोई भी सरकारी अनुदान प्राप्त नहीं हो पाया है केवल संचालक समिति एवं प्रबंध समिति के सदस्यों के सहयोग से ही यह विद्यालय निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर है श्री इकबाल अदीब ने कार्यक्रम में मौजूद सभी गणमान्य आगंतुकों से विद्यालय के विकास एवं सफल संचालन हेतु तन मन धन से सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम के बीच-बीच में स्कूली छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने देश भक्ति गीत एवं नात /हम्द प्रस्तुत किय। वही स्कूली छात्राओं द्वारा प्रश्न उत्तर की एक लघु झांकी प्रस्तुत की
प्रबंधन समिति के सदस्य
अध्यक्ष हाजी मोहम्मद नसीम, प्रबंधक असरार अहमद, ऑडिटर अशरफ हुसैन सिद्दीकी,बोर्ड डायरेक्टर इकबाल अदीब खजांची जलील अहमद, अब्दुल खालिक, मोहम्मद नईम,अब्दुल कलाम चौधरी आदि
एस यू गर्ल्स इंटर कॉलेज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष इंतजार हुसैन वरिष्ठ अधिवक्ता नदीमउद्दीन एडवोकेट, रानी खान, मोहम्मद कफील, शबनम, नेहा, अनम, नदीम, शरीफ तिवारी, मोहम्मद नफीस सिद्दीकी मोहम्मद औसाफ, सनौर रहमान सुहेल सिद्दीकी आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे


















