नजीबाबाद-बिजनोर-उत्तरप्रदेश

मदरसा जामिया अरबिया शमसुल उलूम में सालाना अज़ीमो शान जलसे का आगाज़

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नजीबाबादमदरसा जामिया अरबिया शमसुल उलूम में सालाना अज़ीमो शान जलसे का आगाज़ किया गया!

जिसमें खुसुसी मेहमान मुफ्ती अब्दुल रहमान साहब मुरादाबादी तशरीफ़ लाए! जलसे का आगाज़ कुरान पाक की तिलावत से किया गया मदरसे के तलाबा में इल्म ने जलसे में नाते पाक मोहम्मद के शहर में, हरा गुंबद जो देखो जी ज़माना भूल जाओगे पढ़कर जलसे में चार चांद लगाए! वही प्राइमरी की मासूम लड़कियों ने दुनियावी माहौल से लेकर हदीस के बारे में मुकालमा कर कौम को आगाह किया! मदरसे के उस्ताद कारी उस्मान के साहबजा़दे और कारी सनव्वर के तलाबा इल्म ने इंग्लिश स्पीच God is one and Muhammad is our proprietor कौम को बताया! कारी मोहम्मद आसिफ ने कहा कि जिसने भी मस्जिद और मदारिसो की खिदमत की उसने जन्नत में अपना नाम लिखवाया इस पर वह उन्होंने मदरसे के मुदररिस मौलाना इसरार की जमकर तारीफ की और कहा की मौलाना इसरार कई सालों से मदरसे के खिदमत कर रहे हैं और जिस तरह से उन्होंने इसमें चार चांद लगाए हैं काबिले तारीफ है! आगे उन्होंने अपनी तकरीर में कहा कि हमें अपने बच्चों को सबसे पहले दीनी तालीम देनी चाहिए उसके बाद दुनिया भी क्योंकि वक्त का कुछ भरोसा नहीं मौत से कब सामना हो जाए कब्र में डिग्रियां नहीं दीनी तालीम जाती है! मदरसे में कुराने हिफ्ज़ हुए मासूम बच्चों की मदरसे के उस्तादों और खुसुसी मेहमानों ने दस्तारबंदी कर बच्चों को इनाम से नवाजा़! वहीं जलसे की शान और जान मेहमाने खुसुसी मुफ्ती अब्दुर रहमान साहब ने अपने सुनहरे लफ्जों में कुरान की फजी़लत को बयां किया उन्होंने बताया कि कुरान पढ़ना और दूसरे को सिखाना और उसके मुताबिक जिंदगी गुजा़रना अल्लाह का फरमान है! क्योंकि कुरान कलामुल्लाह है यानी कुरान अल्लाह की किताब है! और जिसकी हिफाज़त की जिम्मेदारी खुद अल्लाह पाक ने ली है कई बड़े जालिम बादशाहों ने और इस्लाम के मिटने वालों ने कुरान को मिटाना और बदलना चाहा, लेकिन अल्लाह ने सबको मालियामेट कर दिया! उन्होंने जलसे में आए सभी मेहमानों से अहद करवाया कि हम कुरान को अपनी जिंदगी में उतारेंगे और रोजा़ना कुरान पाक की तिलावत कर उसके मुताबिक जिंदगी गुजारेंगे! हदीस गवाह है, जिसने भी कुरान को अपने सीने में उतारा और उसके मुताबिक जिंदगी गुजारी उसकी दुनिया भी बनी और आखिरत भी संवरी! अपनी बात को खत्म करते हुए मुफ्ती अब्दुर रहमान साहब ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर कर मुल्क की तरक्की और अमनो अमान की दुआएं मांगी! जलसे की निजामत मौलाना इब्ने हसन और सदारत मौलाना असलम ने की! इस मौके पर मौलाना इसरार मदरसा सदर मुदररिस, मुफ्ती सरफराज़, मौलाना उबेदुल्लाह, कारी सनव्वर, मुफ्ती मुबररिश, कारी शादाब, मास्टर सरफराज़ अहमद, कारी साजिद कारी उस्मान, मुफ्ती बलिगुद्दीन, मदरसे की कमेटी के हज़रात, और दूर दराज़ से आए सैकड़ो की तादाद में मेहमान मौजूद रहे !

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