बैठक में हरियाणा के बाहर बीज आलू के कृषि-व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए विचार-विमर्श

आईरा न्यूज़ नेटवर्क करनाल से सुमरिन योगी
करनाल । हरियाणा के उद्यान विभाग द्वारा शामगढ़ स्थित आलू प्रोधौगिकी केन्द्र में सोमवार को दो-दिवसीय द्वितीय आलू कॉन्क्लेव-2023 के दूसरे दिन अन्य राज्यों में आलू बीज के अवसरों का पता लगाने के लिए बीज आलू कृषि-व्यवसाय के लिए क्रेता-विक्रे ता बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए प्रगतिशील आलू बीज उत्पादक व हरियाणा के प्रगतिशील आलू बीज उत्पादक ने भाग लिया।
बैठक में हरियाणा के बाहर बीज आलू के कृषि-व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए विचार-विमर्श किया गया। आलू बीज उत्पादन में आने वाली समस्याएं जैसेकि वायरस-रहित आलू बीज उत्पादन, आलू बीज की बढ़ती हुए मांग की पूर्ति करना, किसानों का आलू बीज उत्पादन के लिए कम उत्साहित होना आदि समस्याओं के समाधान के लिए एक पैनल-चर्चा का भी आयोजन किया गया जिसमें मुख्यत: डॉ. अर्जुन सिंह सैनी, महानिदेशक उद्यान विभाग, हरियाणा, डॉ. एस.के. चक्रवर्ती, कुलपति, यू.बी.के.विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल, डॉ. बलराज सिंह, कुलपति, एस.के.एन. कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर, डॉ. एस.के.पांडे, पूर्व निदेशक, सी.पी.आर.आई., शिमला, डॉ. बीर पाल सिंह, पूर्व निदेशक, सी.पी.आर.आई., शिमला व डॉ. देवेन्द्र कुमार, निदेशक, सी.पी.आर.आई., शिमला, डॉ. एम.एस. कादयान, वरिष्ट सलाहकार, अंतराष्ट्रीय आलू केन्द्र, डॉ. मनोज कुंडु, संयुक्त निदेशक, उद्यान विभाग, डॉ. पी.सी.सिंधु, उप-निदेशक, आलू प्रौधोगिकी केन्द्र आदि ने भाग लिया। श्री जितेन्दर सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ व श्रीमती दीपा रानी, मूल्य श्रृखंला विशेषज्ञ, अंतर्राष्ट्रीय आलू केन्द्र ने पैनल -चर्चा का संचालन किया। पैनल -चर्चा के बाद डॉ. अर्जुन सिंह सैनी ने विभिन्न राज्यों से आए विशिष्ट प्रतिनिधियों व प्रगतिशील आलू बीज किसानों को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया।
डॉ. संदीप नागर के द्वारा तकनीकी सेमीनार के मंच का संचालन किया गया। डॉ. जे.एन. भाटिया, रिटायर्ड प्रौफेसर, एचएयू हिसार ने आलू की खेती से संबंधित किस्मों व बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. मदन लाल, जिला उद्यान अधिकारी, करनाल के द्वारा बागवानी से जुड़ी योजनाओं के बारे में किसानों को अवगत कराया गया तथा किसानों को बागवानी विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने में आने वाली समस्याओं का समाधान भी किया। श्री गौरव, एस.आर.एफ., पी.टी.सी., शामगढ़ ने ऐरोपोनिक तकनीक के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी।
विभिन्न राज्यों व हरियाणा राज्य से लगभग 1000 किसानों ने कॉन्क्लेव में भाग लिया व आलू बीज उत्पादन के बारे में जानकारी हासिल की। किसानों को केन्द्र का भ्रमण भी करवाया गया जिसमें मुख्यत: नेटहाउस में मिट्टी व मिट्टी-रहित मिनीट्यूबर का उत्पादन ऐरोपोनिक यूनिट, ओपन फील्ड में आलू बीज उत्पादन, सूक्ष्म सिंचाई तकनीक के बारे में जानकारी दी गई। किसानों ने विभिन्न कंपनियों व एफ.पी.ओ. की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया जिसमें आलू बीज उत्पादन से संबंधित मशीनरी, कृषि-रसायन व अन्य तकनीक के बारे में जानकारी हासिल की। इस प्रकार आलू प्रोधौगिकी केन्द्र, शामगढ़, करनाल में आयोजित दो-दिवसीय द्वितीय आलू कॉन्क्लेव, 2023 का समापन हुआ।


















