करनाल-हरियाणा

प्रगतिशील किसान गुरप्रताप सिंह ने धान की सीधी बिजाई विधि को अपनाया, कम लागत में अधिक आय कर रहे अर्जित, जल संरक्षण को दे रहे बढ़ावा।

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सुमरिन योगी
करनाल

प्रगतिशील किसान गुरप्रताप सिंह ने धान की सीधी बिजाई विधि को अपनाया, कम लागत में अधिक आय कर रहे अर्जित, जल संरक्षण को दे रहे बढ़ावा।

भारत सरकार का जल शक्ति मिशन घटते भू-जल स्तर को बचाने व जल संरक्षण की दिशा में हो रहा कारगर साबित।

असंध/करनाल 2 अगस्त, घटते भू-जल स्तर को बचाने व जल संरक्षण के दृष्टिगत भारत सरकार की ओर से शुरू किया गया जल शक्ति मिशन, कारगर साबित हो रहा है। हरियाणा सरकार ने भी इस मिशन को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में अनेक योजनाएं चलाई हैं। इनमें ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना प्रदेश सरकार की जल संरक्षण के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। योजना के तहत किसान भाईयों को धान की जगह अन्य फसल लेने पर प्रति एकड़ सात हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सरकार की ओर से दी जाएगी। इस योजना से जहां भू-जल को संरक्षण मिल रहा है, वहीं किसान कम लागत में अधिक आय अर्जित कर रहे हैं।
‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना को लेकर असंध खंड के प्रगतिशील किसान गुरप्रताप सिंह ने अपनी 65 एकड़ जमीन में धान की सीधी बिजाई की है। उन्होंने बताया कि धान की सीधी बिजाई करने से फसल की लागत में काफी कमी आई है। धान की सीधी बिजाई करने में उनको लेबर की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने बताया कि इस विधि में 25 से 30 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है तथा 10 से 12 हजार रुपये प्रति एकड़ का अधिक मुनाफा होता है। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर उन्हें परामर्श दिया जाता है ताकि फसल की पैदावार अधिक हो। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा भी किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने किसान भाईयों से अपील की है कि धान की सीधी बिजाई को अपनाएं, इसमें कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे डीएसआर विधि को अपनाने से पूरी तरह से संतुष्ट हैं तथा अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी जीवन में जल की महत्ता को समझते हुए फसल विविधिकरण पर ध्यान दें। ऐसे में भविष्य में पानी से जुड़ी चिंताओं को ध्यान रखते हुए हम सभी को इसके संरक्षण की दिशा में कार्य करना होगा।

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