पट्टाभिषेक के साथ राजसिंहासन पर बैठे राजाधिराज श्री राम प्रभु

राजा श्री राम प्रभु की जयकारों से गूंजी काशी केदार खंड की गलियां ||
माता सीता का लक्ष कुंकमार्चन व श्री राम का लक्ष तुलसी अर्चन अनुष्ठान रविवार को ||
वाराणसी :- वेद मंत्रों की गूंज के बीच वैदिक विद्वानों में देश की सभी पवित्र नदियों व सागर के जल से अभिषक्त कर श्री राम प्रभु को अयोध्या के राजसिंहासन पर आरूढ़ कराया इसके साथ ही मानसरोवर तीर्थ क्षेत्र की गलियां राजाधिराज श्री राम की जयकारों से गूंज उठी | अवसर था काशी केदार खंड के श्री राम तारक आंध्र आश्रम में चल रहे श्री राम साम्राज्य पट्टाभिषेक महोत्सव के मुख्य अनुष्ठान का महोत्सव में रविवार को माता सीता का कुंकमार्चन किया जायेगा | इसके समानांग श्री राम प्रभु के लक्ष तुलसीदल अर्चन का अनुष्ठान भी पूरा किया जाएगा | मानसरोवर तीर्थ स्थित श्री राम तारक आंध्र आश्रम में बीते दस दोनों से मनाए जा रहे उत्सव के दसवें दिन प्रातः काल से ही उत्सव मंडप वेद घोष की स्वर लहरियों से गूंज उठा | महोत्सव के मुख्य आचार्य उलिमिरी सोमायजुलू के निर्देशन में सबसे पहले देश की पुण्य सलिला नदियों व सागर के जल से श्री राम प्रभु का मस्तकाभिषेक किया | इसके पश्चात राज्याभिषेक की सारी रीतियां पूरी कर राजसी वस्त्रों में सजे-धजे श्री राम व जानकी को सिंहासनारूढ़ कराया |
आचार्य सोमायजुलू के अनुसार इस द्वादश दिवसीय अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य देश में सुखशांति की कामना करना हैं | राष्ट्र हर तरह के वैभव व ऐश्वर्य को प्राप्त करता हैं उन्होंने जानकारी दी कि चार वर्षों के निरंतर क्रम के पश्चात पांचवे साल महापट्टाभिषेक का अनमोल अवसर प्राप्त होता है | आंध्र आश्रम के विशाल प्रांगण अगले वर्ष महापट्टाभिषेक महोत्सव का विस्तृत आयोजन प्रस्तावित है इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए वाल्मीकि रामायण के 100 से भी ज़्यादा मर्मज्ञ रामायण के निरंतर पारायण के बीच यह महाआयोजन सम्पन्न कराएंगे |
इसके पूर्व महोत्सव के मुख्य यजमान तथा आंध्र आश्रम के मैनेजिंग ट्रस्टी वीवी सुंदर शास्त्री ने अभिषेक पूजन-वंदन आहुति आदि सारे अनुष्ठान पूरे किए | बताया कि उत्सव मंडप में आज की संध्या आयोजित एक रंगारंग कार्यक्रम में उत्सव को सम्पन्न कराने वाले सभी आचार्यों व रामायण विदो का सम्मान किया जाएगा | अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी जी महाराज सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि होंगे |
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सी वी बी सुब्रह्मण्यम,चेनुलु ,विरूपाक्ष मूर्ति,शेखर द्रविड़,अनंत गुरुजी,शिव शर्मा,श्रीमती वेमुरी उमा,धारणिया,रुक्मिणी,सुजाता , आदि लोग उपस्थित रहे ||


















