करनाल-हरियाणा

नैनो यूरिया जागरूकता के अन्तर्गत किसान सभा का आयोजन।

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नैनो यूरिया जागरूकता के अन्तर्गत किसान सभा का आयोजन।
करनाल 21 जुलाई, नैनो यूरिया जागरुकता अभियान के अन्तर्गत वीरवार को जिले के गांव सीकरी में किसान सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान निलोखेडी पैक्स भीम सिंह ने की। इस अवसर पर वरिष्ठ क्षेत्र प्रबन्धक इफको करनाल डा निरंजन सिंह ने किसानों को विस्तार से इफको नैनो यूरिया के लाभ के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किस तरह नैनो यूरिया, दानेदार यूरिया के प्रयोग से उत्पन्न हो रही परेशानियों से निजात दिला सकती है तथा बताया कि नैनो यूरिया तरल, परंपरागत यूरिया से क्यों बेहतर है और इसका इस्तेमाल क्यों करना चाहिए। इफको नैनो यूरिया तरल आत्मनिर्भर भारत में आत्मनिर्भर कृषि को बढ़ावा देने के लिए इफको की देन है जिसका 11000 किसानों के खेतो में इस्तेमाल करने के बाद यह पाया गया है कि 500 एमएल की बोतल 1 कट्टा यूरिया से ज्यादा पैदावार करने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि जहां परम्परागत यूरिया जिसकी कीमत 266.50 रुपए प्रति थैला है जो किसान अदा करता है, उसके अलावा उस पर भारी रकम की सब्सिडी होती है जोकि भारत सरकार द्वारा अदा की जाती है। लेकिन नैनो यूरिया तरल बिना किसी अनुदान के परंपरागत यूरिया से 10 प्रतिशत सस्ता है जिसकी कीमत 240 रुपए प्रति 500 एमएल बोतल है तथा फसल में इसकी उपयौगिक दक्षता 85 से 90 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया परंपरागत यूरिया से अधिक कारगर है जिसकी उपयोगिक दक्षता केवल 25 प्रतिशत है बाकी 75 प्रतिशत भूमिगत जल व वातावरण प्रदूषित करता है।
उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया तरल का प्रयोग 4 एमएल प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर पत्तों पर छिड़काव द्वारा किया जाता है जिससे किसी भी तरह का कोई प्रदूषण नहीं होता। उन्होंने इफको के अन्य उत्पाद सागरिका, जैव उर्वरक, जल घुलनशील उर्वरकों के उपयोग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी किसान भाईयों के साथ साँझा की। उन्होंने मिट्टी में मौजूद तथा फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इफको की सागरिका पर विशेष चर्चा करते हुए किसानों को बताया कि किसान यदि एक बोतल नैनो यूरिया 500 एमएल एवं एक बोतल सागरिका 500 एमएल मिलाकर के 1 एकड़ में 125 से 150 लीटर पानी प्रति एकड़ छिड़काव करे और 20- 25 दिन के अंतराल पर दूसरा छिड़काव करें तो किसान को अत्यधिक लाभ होगा। उन्होंने किसानों को पराली जलाने के दुष्परिणाम पर चर्चा की तथा किसानों को मिट्टी जांच करवाने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बिक्री केन्द्र प्रभारी सीकरी राजेन्द्र ने पैक्स की गतिविधियों व उपलब्ध उत्पादों पर चर्चा की। कार्यक्रम में रामकुमार, जगमाल, शेलेन्द्र, राजिन्द्र, संजीव सहित 42 किसानों ने भाग लिया।

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