ध्यान जीवन जीने की कला सिखाता है और संतों का साथ पाप से बचाता है- स्वामी निर्मलानंद जी महाराज

रांची : महर्षि आश्रम चुटिया में 15 दिनों का ध्यान शिविर लगाया गया है दूर-दूर से पधारे संत गण अपने अमृत में प्रवचन से लोगों को लाभान्वित कर रहे हैं…
ऋषिकेश आए श्री गंगाधर जी महाराज ने अपने पर वचन में ज्ञान की महिमा के बारे में बताया
खोज करो अंदर उजियारे दृष्टि वान कोई देखा है
अपने अंदर में अगर हम बिंदु को पा लेते हैं तो समझ लीजिए आपका ध्यान बनने लगा
दान करने से ध्यान को बल मिलता है और इसको बीच कम कहते हैं
ध्यान जीवन जीने की कला सिखाता है और संतों का साथ पाप से बचाता है भागलपुर से आए हुए
स्वामी निर्मलानंद जी महाराज ने कहा
वैदिक सनातन धर्म में प्रकाश को ब्रह्म ज्योति कहते हैं और इस्लाम धर्म में उसे नूर ए इलाही कहते हैं और ईसाई धर्म में डिवाइन लाइट कहते हैं धर्म कोई भी हो सार एक ही है
प्रकाश और शब्द परमात्मा के विभूति स्वरूप है
संरक्षक फतेहचंद जी अग्रवाल के अथक प्रयास अध्यक्ष राजकुमार साहू मंत्री संजय पोद्दार जोगिंदर पोद्दार जी अनिल चौरसिया जी स्वामी बालकृष्ण महाराज जी सभी के सहयोग से यह शिविर लगाया गया
है जिससे लोग लाभान्वित हो सके।


















