उत्तराखंड

उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक की पहल पर ऑपरेशन शिनाख्त अभियान जारी

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक की पहल पर चलाए जा रहे
ऑपरेशन शिनाख्त अभियान लगातार अपना कार्य कर रहा है

पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड अशोक कुमार की पहल पर प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे ऑपरेशन शिनाख्त अभियान के क्रम में पुलिस उप महानिरीक्षक पीo रेणुका देवी अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड के निर्देशन में तथा Dr. योगेन्द्र सिंह रावत पुलिस उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद हरिद्वार व यशवंत चौहान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद पौड़ी गढ़वाल के आदेश के अनुपालन में एवं एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट के निकट निर्देशन में जनपद पौड़ी व जनपद हरिद्वार शव शिनाख्त टीम के संयुक्त शव शिनाख्त अभियान को सफल बनाने के लिए उप निरीक्षक कृपाल सिंह व कांस्टेबल 168 मुकेश कुमार व महिला हैड कांस्टेबल हेमलता व महिला कांस्टेबल अनिता रावत के द्वारा दिनांक 17.09.2021 को थाना सिविल लाइन रुड़की इलाके के सोनाली पुल के पास गंगनहर में मिले अज्ञात मानव पुरुष की शिनाख्त के लिए थाना ज्वालापुर में दिनांक 14.09.2021 को वादी श्री मोहम्मद तस्लीम पुत्र तासीन निवासी बाबर कॉलोनी,ज्वालापुर के द्वारा अपने बहनोई श्री अमजद पुत्र जान मोहम्मद निवासी उपरोक्त उम्र लगभग 30 वर्ष की गुमशुदगी क्रमांक 44/21 पंजीकृत कराई गई थी। बाद में यह गुमशुदगी थाना ज्वालापुर से थाना कनखल स्थानांतरण हो गई थी।
दिनांक 02..07.2022 को गुमशुदा अमजद के साले साहब श्री मोहम्मद तस्लीम से संपर्क कर बातचीत की गई तो गुमशुदा के परिजनों के द्वारा बताया गया की अमजद ने अपने हाथ पर 786 लिखा रखा था। दाहिने हाथ में अक्सर अमजद काला धागा भी बांधता था। जो मजदूरी का काम करता था। गुरुकुल कांगड़ी से लापता हुआ था। अमजद के पहने हुए कपड़े भी गुरुकुल कांगड़ी से मिल गए थे। यह सब बात अमजद के साले ने बताई।
अमजद के साले तस्मील उपरोक्त व गुमशुदा की खाला के लडके श्री सहनवाज पुत्र श्री अलीहसन निवासी उपरोक्त के द्वारा कोतवाली सिविल लाइन रुड़की इलाके में मिले अज्ञात शव की शिनाख्त अपने बहनोई/खलजात भाई गुमशुदा अमजद के रूप में दिनांक 02.07.2022 को मृतक की जिल्द पंचायत नामा को पढ़कर और थाने में रखे अज्ञात शव रजिस्टर में लगे अज्ञात शव की फोटो शक्ल सूरत व मृतक के हाथ पर लिखे अंक 786 एवं मुहूं के दांतों के गैप आदि के आधार पर की गई।
पीड़ित परिज्जनों ने उत्तराखंड पुलिस के मित्रता पूर्ण व्यवहार और इस कार्य के लिए काफी सराहना की गई।

उत्तराखंड रुड़की
आईरा वार्ता राजेश सिंघल

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button