झारखण्ड

आदिवासियों की पृथक धर्म कॉलम को लेकर रांची सरना भवन में प्रेस वार्ता

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आईरा न्यूज़ नेटवर्क: स्टेट हेड

रांची : राष्ट्रीय आदिवासी इंडीजीनस धर्म समन्वय समिति भारत के तत्वाधान में आदिवासियों की पृथक धर्म कॉलम को लेकर रांची सरना भवन में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिसमें झारखन्ड प्रदेश के पाहन महासंघ झारखंड प्रदेश, जय आदिवासी केंद्रीय परिषद, आदिवासी सरना 22 पड़हा समिति, सिंहभूम आदिवासी हो समाज, टोंका टोली सरना समिति लालपुर, केंद्रीय सरना समिति रामगढ़ पतरातु, किशनपुर बूटी रांची, राष्ट्रीय जय आदिवासी कल्याण केंद्र, राजी पड़हा केंद्रीय समिति, आदिवासी सत्य सरना डहर पिठोरिया मदनपुर, केंद्रीय सरना प्रार्थना समिति, आदिवासी सरना धर्म मोर्चा, पश्चिमी सिंहभूम हो आदिवासी समाज, आदिवासी सरना प्रार्थना सभा अनड़ा, नगरा टोली सरना सह महिला समिति, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद, सहित कई संगठनों ने समर्थन किया है।
जिसमें राष्ट्रीय आदिवासी इंडीजीनस धर्म समन्वय समिति भारत के मुख्य संयोजक अरविंद उरांव,राष्ट्रीय सहसंयोजक राजकुमार कुंजाम, निरंजना हेरेंज टोप्पो एवं हलधर चन्दन पाहन ने संयुक्त रूप से बताया कि भारत के आदिवासियों की धार्मिक आस्था और पहचान को वर्ष 2024 के जनगणना प्रपत्र (पृथक धर्म कॉलम) में अंकित किए जाने को लेकर 15 फरवरी 2024 में विशाल महा रैली दिल्ली में किया जाएगा। इस विशाल महारैली में 20 राज्य के आदिवासी समुदाय के जनमानस शिरकत करेंगे। जिसमें देश के हजारों आदिवासी भारी संख्या में जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करेगी। प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि देश आजाद होने के बाद आदिवासियों की मुख्य पहचान को राजनीतिक तंत्र द्वारा षड्यंत्र के तहत खत्म कर दिया गया था। जिसे पुनः बहाल करने को लेकर लगातार 73 वर्षों से आदिवासी समुदाय इस मांग लगातार आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन कुछ विशेष राजनीतिक पार्टियां और उससे संचालित संगठन जानबूझकर धर्मांतरण और डी-लिस्टिंग जैसे मुद्दे लाकर हमारी मुख्य मुद्दों भटकना चाहती। एक ओर मणिपुर के आदिवासियों के साथ हुई घटना और दूसरी ओर झारखन्ड में डी लिस्टिंग जैसे मुद्दे लाकर आदिवासियों को आपस में लड़ना ये बड़ी साजिश है। आदिवासी भारत के 15 कड़ोर तीसरी सबसे बड़ी आबादी है और अपनी मुख्य धार्मिक पहचान से महरूम हैं। अगले सत्र तक में अगर केन्द्र सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है तो। इसका खामियाजा आनेवाले 2024 के लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। जिसमें देश से लेकर प्रदेश तक आदिवासी समाज लोक सभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। क्योंकि यह पूरे भारतवर्ष के आदिवासियों की पहचान और उनके अधिकार का मामला है।
जिसे लेकर 30 दिसंबर 2023 को सेंगल अभियान व केंद्रीय सरना समितिद्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया है जिसकापूर्ण समर्थन करती है।
इस प्रेस वार्ता सा बैठक में मुख्य रूप से बाबूलाल महली (सरना 12 पढ़हा) दामोदर सिंकू(आदिवासी हो समाज) मुन्ना टोप्पो (सरना धर्म सेवा केंद्र) उमेश पाहन, संतोष माझी, (केंद्रीय सरना समिति रामगढ़) सीमा तिर्की, रमेश उरांव, सिमोन मिंज, झालो मुंडा (बनिया टोली सरना समिति) संगीता मुंडा कर्मी कमीन, अरुण उरांव सहित कई अन्य उपस्थित थे।

Moizuddin Jharkhand

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