असम के कामरुप जिला आयुक्त कार्यालय में बालिका दिवस मनाया। इस अवसर पर किया गया खिलाड़ियों का सम्मान, वस्तुओं का वितरण, आत्मरक्षा के गुर सीखना, नुक्कड़ चित्रों का चित्रांकन ।

असम के कामरुप जिला आयुक्त कार्यालय में बालिका दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर किया गया खिलाड़ियों का सम्मान, वस्तुओं का वितरण, आत्मरक्षा के गुर सीखना, नुक्कड़ चित्रों का चित्रांकन ।
पंकज नाथ, असम, 11 अक्टूबर :
देश के कई भागों के समानांतर असम के कामरूप जिले के एकीकृत जिला आयुक्त कार्यालय परिसर में जिला प्रशासन की पहल और महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय एवं जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र के सहयोग से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के तहत आज अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। इसके अनुरूप, कामरूप जिला आयुक्त कीर्ति जल्ली ने औपचारिक रूप से 30 बालिका एथलीटों के बीच खेल सामग्री वितरित करके कार्यक्रम का उद्घाटन किया और बाद में घोषणा की कि इस तरह के कार्यक्रम को पूरे कामरूप जिले में लागू किया जाएगा। इस अवसर पर जिले की राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले तीन प्रतिष्ठित खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इनमें कामरूप जिले के हालोगांव की धृतिमा उजीर, छयगांव की नीतू राजबंशी और लक्षी कलिता शामिल हैं। इस अवसर पर जिला आयुक्त द्वारा दिए गए भाषण के संदर्भ में रानी रुद्रमा देवी, रानी लक्ष्मीबाई, सरोजनी नायडू जैसी महान रानियों के आदर्शों से प्रेरित होकर बालिकाओं से आग्रह किया गया कि वे ऐसा व्यक्ति बनें जो स्वयं समाज का नेतृत्व कर सके। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा खुद को हिमा दास, लवलीना बोरगोहेन आदि की तरह एक कुशल खिलाड़ी या रीमा दास जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध फिल्म निर्माता बनने के लिए हमें हमेशा अपना ख्याल रखना चाहिए। आयुक्त ने कहा कि जब हम खुद को एक अग्रणी व्यक्ति के रूप में विकसित कर सकते हैं, तभी हम खुद के साथ-साथ समाज को भी आगे ले जा सकते हैं। उन्होंने दुनिया के सबसे ऊंचे और सबसे ठंडे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में काम करने वाली पहली महिला पायलट कैप्टन शिवा चौहान की तरह साहसी बनने का भी आह्वान किया। समारोह में जिला समाज कल्याण अधिकारी भूपेन भट्टाचार्य ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर कामरूप के जिला विकास आयुक्त नरसिंग बे, अतिरिक्त आयुक्त सुजाता गोगोई, जिला खेल अधिकारी खनिन्द्र मुदई, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपाली फुकन सैकिया और जिला बाल संरक्षण अधिकारी मालविका कलिता ने बालिकाओं के संरक्षण, समानता के अधिकार आदि पर अपने विचार रखे। इस कार्यक्रम पर समाज कल्याण विभाग के साथ-साथ कामरूप जिले के एकीकृत आयुक्त कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अनुरूप महिलाओं की आत्मरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ नारे पर आधारित फ्लाई ओवर पेंटिंग आदि को भी लागू किया गया।


















