वाराणसी/उत्तरप्रदेश

आर्यिका संघ का मंगल विहार बनारस से अयोध्या की ओर

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वाराणसी :- संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्या सागर जी महामुनिराज के परम साधक शिष्य एवं आचार्य श्री समयसागर महाराज के आज्ञानुवर्ती निर्यापक श्रमण मुनिश्री समता सागर महाराज,मुनिश्री पवित्र सागर महाराज,मुनिश्री बासू पूज्यसागर महाराज मुनिश्री अतुल सागर महाराज स संघ तथा आर्यिका रत्न गुरुमति माताजी आर्यिका रत्न दृणमति माताजी स संघ सानिध्य में कुंडलपुर में 2006 में आचार्य श्री द्वारा 58 आर्यिकाओं की दीक्षा हुई थी उन दीक्षाओं में 18 आर्यिकाओं का दीक्षा दिवस मुनिसंघ के सानिध्य में मनाया गया | इस अवसर पर मुनिश्री समता सागर महाराज ने कहा कि आर्यिका दीक्षा सर्वोच्च कृष्ठ साधना है जैन परंपरा में साधिकाओं के लिये आर्यिका कहा जाता है,ये 28 मूल गुणों सहित पिच्छीधारी होती है आचार्य गुरुदेव ने अपने जीवनकाल में 124 मुनि दीक्षा तथा 178 आर्यिका दीक्षा प्रदान की है जो कि संपूर्ण भारत में सबसे बड़ा और विशाल संघ के रुप में जाना जाता है मुनिश्री ने कहा कि गुरुवर आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने इन सभी ब्रह्मचारणी बहनों को महावृत की दीक्षा देकर के आध्यात्मिक साधना के क्षेत्र में आगे बढ़ाया यह दीक्षा दिवस गुरू कृपा के रुप में उपकार दिवस है | इस अवसर पर मुनिश्री पवित्रसागर महाराज ने खानपान की शुद्धता पर अपने बिचार प्रकट करते हुये कहा कि अकेले आलू प्याज छोड़ने का नाम ही जैन थाली नहीं है होटल के खाने में शुद्धता रहती ही नहीं है |

इस अवसर मुनिश्री पूज्यसागर महाराज एवं मुनिश्री अतुलसागर महाराज ने आर्यिका संघ को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया | वरिष्ठ आर्यिका गुरुमति माताजी ने 1987 से अपनी आध्यात्मिक यात्रा का वृतान्त सुनाते हुये गुरुदेव के प्रति अपनी विनायंजली प्रस्तुत करते हुये काफी भावुक हो गई | इस अवसर पर दृणमति माताजी ने आचार्य श्री के उपकारों को याद करते हुये दीक्षा के क्षणों को याद किया |

राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया प्रातःकाल मुनि संघ एवं आर्यिकासंघ के सानिध्य में मूलनायक भगवान श्री पारसनाथ स्वामी का मस्तकाभिषेक हुआ एवं मुनि श्री समता सागर महाराज के मुखारविंद से शांतिमंत्रों के साथ शांतीधारा संपन्न हुई तथा आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चरणों की मंत्रोच्चारण के साथ शुद्धी की गई उपरोक्त चरण सारनाथ में स्थापित किये जाऐंगे | आर्यिका संघ ने गुरु चरणों को स्पर्श करते हुये मुनिसंघ की त्रयवार बंदना की | आहार चर्या के उपरांत मध्यान्ह में आर्यिकासंघ का मंगल विहार आयोध्या की ओर हुआ | मुनि संघ भेलुपुर दि.जैन मंदिर में विराजमान है उपरोक्त जानकारी प्रचार मंत्री किशोर जैन ने दी ||

Sallauddin Ali

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