
मुज़फ्फरनगर – गरीब आदमी कोविड-19 की वजह से अधिकांश व्यक्तियों के रोजगार समाप्त हो गए हैं जिसकी वजह से उन्हें अपने परिवार का लालन पालन करने के लिए जिंदगी से जद्दोजहद करनी पड़ रही है उसके ऊपर ट्रैफिक पुलिस की मार अगर पड़ जाए तो गरीब आदमी बिलबिला उठता है हम यह नहीं कहते ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक नियमों का पालन ना कराएं कराना चाहिए और लोगों को भी करना चाहिए अपनी सुरक्षा अपने हाथ में है इसलिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए
जी हां वैसे तो ट्रैफिक पुलिस जाम से छुटकारा नहीं दिला पाती है और गरीब ई रिक्शा वालों का चालान या उन्हें वाहन पकड़कर अपने कार्यालय पर शाम तक खड़े करके अपनी पीठ भी थपथपाती है! यह कैसी ट्रैफिक व्यवस्था है जो एक गरीब के ऊपर ही नजर आती हैं
जबकि ट्रैफिक पुलिस सड़को पर खड़े होकर कितना ट्रैफिक का पालन कराती हैं यह भी किसी से छुपा नही हैं और चेकिंग के नाम पर सिर्फ गरीब लोगों को रोककर उनका ही चालान कर अपनी पीठ थपथपाती हैं, आज भी ट्रैफिक कार्यलय पर एक दर्जन के करीब ई रिक्शाओ को पकड़कर उन्हें अपने कार्यलय पर लाकर ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें ट्रैफिक के कानून का पालन सिखाने का काम करते हुए शाम तक उनके ई- रिक्शाओं को रोककर रखा हैं
जरा उनसे मालूम कीजिये जो इन ई- रिक्शाओ से अपने पूरे परिवार का पालन पोषण करते हैं और मेहनत करते हैं ताकि दो वक्त की रोटी उनके बच्चों को नसीब हो सके, अगर उनसे कोई गलती हुई है उन्हें चेतावनी देकर भी छोड़ा जा सकता हैं उनके दिन भर की कमाई पर विराम लगा दिया जाता है जिससे उन्हें उनके परिवार को अपनी गुजर-बसर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है
राजेश सिंघल की रिपोर्ट


















