करनाल – सिविल सर्जन करनाल डा. योगेश शर्मा ने बताया कि जिला की गर्भवती महिलाओं द्वारा अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग जांच करवाने हेतु करनाल के साथ लगे हरियाणा के दूसरे जिलों में लिंग जांच करवाने बारे गुप्त सूचनाएं प्राप्त हो रही थी, जिस पर कार्यवाही करते हुए जिला करनाल की पीएनडीटी टीम द्वारा पीसी एण्ड पीएनडीटी एक्ट के अन्तगर्त हरियाणा के जिला अम्बाला में सफल रेड की गई।
सिविल सर्जन ने बताया कि रेड के दौरान दलाल ने नकली गर्भवती महिला को जिला अम्बाला के कस्बा साहा चौंक से तंग गलियों में घुमाते हुए एक घर में ले गया और गर्भवती महिला की लिंग जांच करके गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग लडका बताया। अल्ट्रासाउंड करने उपरान्त नकली गर्भवती महिला को वापिस साहा चौंक पर छोडऩे के लिए आया तो मौके पर खड़ी जिला करनाल की पीएनडीटी टीम ने उसे दबोच लिया। दलाल द्वारा गर्भ में पल रहे बच्चे की लिंग जांच करवाने के लिए 32 हजार रुपये में सौदा तय किया गया था। जब टीम ने दलाल अमित की तलाशी ली तो उससे 18 हजार रुपये बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि लिस्ट से मिलान करने पर ये वही नोट पाए गए जोकि टीम द्वारा नकली गर्भवती महिला को लिंग जांच करवाने हेतु दलाल को देने के लिए दिए गए थे।
उन्होंने बताया कि दोनों जिलों की टीम द्वारा दलाल अमित से सख्ती से पूछताछ करने पर उस द्वारा बताया गया कि बाकी की राशि (14000 रुपये) उसने अम्बाला सिटि के दुर्गानगर में रहने वाले जसबीर को दी है। टीम दलाल अमित को लेकर अम्बाला सिटि के दुर्गानगर में जसबीर के घर गई और वहां पर जसबीर से 8000 रुपये की राशि बरामद की। ये नोट भी वही थे जो टीम द्वारा नकली गर्भवती महिला को लिंग जांच करवाने हेतु दलाल को देने के लिए दिए गए थे। पूछताछ में जसबीर ने बताया कि बाकी के 6000 रुपये उसने खर्च कर दिए हैं। इसके उपरान्त जिला करनाल तथा जिला अम्बाला की पीएनडीटी टीमों द्वारा अम्बाला के साहा थाना में पीएनडीटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के अन्तगर्त दोनों आरोपियों अमित व जसबीर के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाई गई।
इस अवसर पर टीम के सदस्य डा. शीनू चौधरी, उप सिविल सर्जन (प.क.), डा. कृष्णकान्त, एसएमओ सीएचसी तरावडी, डा. परमजीत सिंह, चिकित्सा अधिकारी नागरिक अस्पताल असन्ध, सुलेख कुमार, प्रोजैक्शनिष्ट, कु. सुमन, राहुल तथा सुभाष उपस्थित रहे।


















