पुलिस ने पकड़ी 64 लीटर कच्ची शराब, सवालों के घेरे में आबकारी विभाग – “तनखाह किस बात की?”

काशीपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,अवैध कच्ची शराब के खिलाफ जहां काशीपुर पुलिस “ऑपरेशन प्रहार” के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है, वहीं आबकारी विभाग की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। कोतवाली आईटीआई पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि अगर मंशा हो तो शराब माफियाओं पर लगाम लगाई जा सकती है।*पुलिस ने की दो बड़ी पकड़*1. *नंदारामपुर मार्ग:* मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पैगिया फैक्ट्री के पास से मुकुंदपुर निवासी मनदीप सिंह को 56 पाउच, करीब 19 लीटर कच्ची शराब के साथ दबोचा।2. *शिवलालपुर रोड:* दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने रेलवे कॉलोनी निवासी राजा को मोटरसाइकिल सहित 150 पाउच, करीब 45 लीटर अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया। कुल मिलाकर 64 लीटर अवैध शराब और एक बाइक बरामद हुई। दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 में मुकदमा दर्ज किया गया।*फिर आबकारी विभाग क्या कर रहा है?*पुलिस जब सड़क पर उतरकर माफियाओं को पकड़ रही है तो सबसे बड़ा सवाल आबकारी विभाग काशीपुर की कार्यशैली पर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध शराब का कारोबार इतने बड़े पैमाने पर चल रहा है, लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मैदान में नजर नहीं आते। अगर विभाग अपनी जिम्मेदारी निभा रहा होता तो इतनी बड़ी मात्रा में कच्ची शराब बनती ही नहीं।*”जब पुलिस ही पकड़-धकड़ कर रही है, तो आबकारी विभाग के अधिकारी किस बात की तनखाह ले रहे हैं?”* – यह सवाल अब हर गली में गूंज रहा है। आरोप है कि अवैध शराब माफियाओं और विभाग के बीच सांठ-गांठ के चलते ही ये लोग बेखौफ होकर कारोबार कर रहे हैं। विभाग की लापरवाही और उदासीनता की वजह से ही कच्ची शराब युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रही है।पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा। लेकिन तब तक सवाल बना रहेगा कि राजस्व वसूलने वाला विभाग अपनी मूल जिम्मेदारी कब निभाएगा?


















