काशीपुर-उत्तराखण्ड़

ढेला नदी बनी कूड़ाघर! बायोवेस्ट दबाकर अस्पताल कर रहे हैं खिलवाड़, प्रदूषण विभाग और स्वास्थ्य विभाग मौन

WhatsApp Image 2026-04-18 at 09.08.39
previous arrow
next arrow

काशीपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली ढेला नदी अब निजी अस्पतालों के कचरे का डंपिंग जोन बनती जा रही है। गोरक्षा दल से जुड़े अभिषेक अपने साथियों के साथ जब एक मृत मवेशी को दफनाने के लिए ढेला पुल के नीचे नदी किनारे पहुंचे तो रेत के नीचे जो निकला उसने सबको हिला कर रख दिया।फावड़े से खुदाई करते ही रेत के नीचे से इस्तेमाल की गई सिरिंज, इंजेक्शन की खाली शीशियां, दवाओं के रैपर और अन्य चिकित्सीय अपशिष्ट की बड़ी खेप मिली। अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये कचरा काफी समय से यहां दबाया जा रहा है।*आसपास के अस्पतालों पर उठे सवाल*स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि आसपास के कुछ निजी अस्पताल बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण के नियमों को ताक पर रखकर इस कचरे को चोरी-छिपे नदी किनारे फेंक रहे हैं। बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण के लिए तय मानक और अधिकृत एजेंसियां होने के बावजूद इस तरह लापरवाही बरती जा रही है।*प्रदूषण विभाग और नगर स्वास्थ्य अधिकारी की लापरवाही उजागर*सबसे बड़ा सवाल ये है कि इतने बड़े पैमाने पर बायोमेडिकल वेस्ट नदी किनारे कैसे पहुंच गया और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? नियमों के अनुसार हर 3 महीने में अस्पतालों का निरीक्षण होना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।वहीं नगर स्वास्थ्य अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में स्वास्थ्य मानकों की निगरानी की जिम्मेदारी उन्हीं की है। बावजूद इसके संक्रामक कचरा खुले में पड़ा रहा और विभाग आंखें मूंदे बैठा रहा।लोगों में आक्रोश, बीमारियों का खतरास्थानीय निवासियों का कहना है कि नदी किनारे रोज पशु चरने आते हैं और बच्चे भी खेलते हैं। ऐसे में सिरिंज जैसी नुकीली वस्तुओं से चोट लगने और हेपेटाइटिस, HIV जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है।लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अस्पतालों व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।अब देखना होगा कि इस खुलासे के बाद प्रशासन की नींद कब टूटती है और ढेला नदी को इस जहरीले कचरे से कब मुक्ति मिलती है।c

RIZWAN AHSAN

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button