भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की इतनी ज्यादा खस्ता हालत है कि वह किसी से मदद तक की भी गुहार नहीं लगा सकता है। पडोसी मुल्क और चीन की दोस्ती का इतना ज्यादा दुष्प्रभाव प्रत्यक्ष तौर पर सबको दिखने लगा है कि पडोसी मुल्क अब किसी और मुल्क से मदद मांगने के लायक नहीं बचा है।
चीन ने पडोसी मुल्क को दोस्ती के तोहफे में 17 अरब रुपए का नुकसान दिया है जिसे पडोसी मुल्क नहीं झेल सकता है।
पाकिस्तान अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन की सरकार ने पडोसी मुल्क की कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण मेन लाइन परियोजना के लिए 6 अरब डॉलर के कर्ज को मंजूर करने के लिए अतिरिक्त गारंटी की मांग की थी।
हम आपको बता दें कि पाकिस्तान की पहली और सबसे बड़ी परिवहन क्षेत्र परियोजना यही है। पडोसी मुल्क की इस परियोजना के तहत इसे 4 प्रांतों से होते हुए जिसमें कि पेशावर से कराची भी शामिल है जाना है।
पडोसी मुल्क बुरी तरीके से कर्ज में डूबा हुआ है इसके पश्चात भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है पाकिस्तान और चीन के संबंधों की या एक नई शुरुआत है।




























