बाल कल्याण परिषद के गोल्डन जुबली वर्ष में चार दिवसीय बाल दिवस प्रतियोगिताओं का शुभारम्भ
करनाल – उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष निशांत कुमार यादव ने कहा कि बच्चों के सर्वांगिण विकास के लिए परिषद वचनबद्ध है, इसके लिए धनराशि की आवश्यकता हो या भवन विस्तार और उसमें पुस्तकालय व प्रशिक्षण जैसी जरूरतें हों, जुटाते रहेंगे। उपायुक्त सोमवार को शहर की कालीदास रंगशाला में जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से आयोजित जिला स्तरीय बाल दिवस प्रतियोगिताओं के शुभारम्भ अवसर पर प्रतिभागी बच्चों से मुखातिब थे। इससे पहले उन्होंने सांस्कृतिक मंच पर दीप प्रज्जवलित कर विद्यादायिनी माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। उनके साथ जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक भी थे।
उपायुक्त ने गर्व से कहा कि हरियाणा में जितनी भी एक्टिव चाईल्ड वेल्फेयर काउंसिल हैं, करनाल उनमें से एक है। इसके लिए उन्होंने जिला बाल कल्याण अधिकारी और उनके पूरे स्टाफ की सराहना की। चार दिवसीय प्रतियोगिता का आगाज करने के बाद उन्होंने प्रतिभागी बच्चों को शुभकामनाएं और इसके सफल आयोजन की बधाई दी और कहा कि वे जिला के साथ-साथ राज्य स्तर पर प्रतियोगिताओं में भी भाग लें और अव्वल रहकर पुरस्कार लें। उन्होंने कहा कि बाल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतियोगिताओं से बच्चों में छिपी प्रतिभा को उजागर करने का अवसर मिलेगा, इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा।
बाल कल्याण परिषद का गोल्डन जुबली वर्ष-
उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 1971 में राज्य बाल कल्याण परिषद का गठन हुआ था और वर्ष 2021 गोल्डन जुबली वर्ष है। इसी वर्ष देश में आजादी का अमृत महोत्सव भी मनाया जा रहा है, जिसमें सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक विकास को लेकर हर तरह के कार्यकलाप किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे एक अच्छा संयोग बताया।
प्रतियोगिता का लिया राउण्ड- मंच से भाषण के बाद उपायुक्त निशांत कुमार यादव, कालीदास रंगशाला परिसर में ही स्कैचिंग ऑन द स्पोट प्रतियोगिता में व्यस्त, बच्चों के बीच गए, उनसे संवाद किया और उन द्वारा पोस्टर पर की जा रही स्कैचिंग को देखा।
कालीदास रंगशाला में बनाए गए सांस्कृतिक मंच से स्कूली बच्चों के एक ग्रुप ने गणेश वंदना की शानदार प्रस्तुती दी। इसमें बच्चों के एक्शन व संतुलन गजब का था, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इसके पश्चात एक अन्य ग्रुप की ओर से प्रतिभागी बच्चों ने ग्रुप डांस की मनमोहक प्रस्तुती दी।
इसके पश्चात बाल भवन परिसर में बनाए गए एक अलग मंच पर प्रस्तुत किए जा रहे देश भक्ति गीत कार्यक्रम में उपायुक्त शामिल हुए। इसमें प्रतिभागी बच्चों ने मंच से, नदियां न पिएं कभी अपना जल, वृक्ष न खाएं अपना फल, अपना तन-मन देश को जो देदे दान, वही है सच्चा इंसान भावपूर्ण प्रस्तुती दी।

बाल दिवस प्रतियोगिताओं के शुभारम्भ अवसर पर जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने उपायुक्त का स्वागत किया। प्रतियोगिता स्थल के प्रवेश पर छोटी-छोटी बच्चियों ने उपायुक्त को तिलक लगाया और बाल कल्याण अधिकारी ने तुलसी का एक पौधा भेंट किया। इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसाईटी के सचिव कुलबीर मलिक, नगर पार्षद मुकेश अरोड़ा और समाजसेवी कपिल अत्रेजा भी थे।
चार दिन रहेंगी प्रतियोगिताएं-
इस अवसर पर जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने बताया कि बाल दिवस के उपलक्ष्य में प्रतियोगिताएं चार दिन तक रहेंगी। इसमें प्रतिभागी बच्चों के 40 ग्रुप व 17 आईटम होंगी। सभी में करीब 5 हजार प्रतिभागी बच्चे होंगे, जिनमें सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों के पहली से बारहवीं तक के बच्चों के अतिरिक्त चाईल्ड केयर इंस्टीच्यूट के बच्चे भी शामिल हो रहे हैं। आईटमों में ग्रुप डांस, थाली, कलश पूजा, प्रश्रोत्तरी, भाषण प्रतियोगिता, स्कैचिंग ऑन द स्पोट, सोलो डांस, पोस्टर मेकिंग, दीया/कैंडल डैकोरेशन, कार्ड मेकिंग, सोलो साँग, क्ले मॉडलिंग, हैंड राईटिंग, फन गेम, बेस्ट ड्रामेबाज, फैंसी ड्रेस व रंगोली प्रतियोगिताएं शामिल की गई हैं। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे प्रतिभागीयों का चुनाव निर्णायक मण्डल के सदस्य करेंगे।
बाल भवन परिसर में निर्माणाधीन भवन का किया निरीक्षण-
बाल दिवस प्रतियोगिताओं में मुख्यतिथि के रूप में शामिल होने के पश्चात उपायुक्त ने बाल भवन परिसर में निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। भवन का अब तक भूतल और प्रथम तल का सिविल वर्क मुकम्मल हो चुका है। बच्चों के लिए बिल्डिंग तैयार होने में थोड़ा समय ओर लगेगा। खास बात यह है कि इसमें बच्चों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी, जिनमें डे-केयर सेंटर, सी.सी.टी.वी., लर्निंग एरिया, स्लिपिंग एरिया, पेंट्री व डायनिंग, इंडोर गेम्स तथा 42 गुणा 50 फुट की स्टेज रहेगी। भूतल पर बच्चों के लिए खिलौना रेल व आकर्षक झूले लगाए जाएंगे।


















